Kurukshetra News: थानेसर मंडी में 4000 रुपये क्विंटल पहुंचा बासमती 1509, किसानों की बल्ले-बल्ले
थानेसर मंडी में 4000 रुपये क्विंटल पहुंचा बासमती 1509, किसानों की बल्ले-बल्ले
Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र जिले की अनाज मंडियों में इन दिनों धान की आवक के साथ ही रोनक लौट आई है। इस बार सीजन की शुरुआत से ही बासमती 1509 किस्म किसानों के लिए उम्मीद से बेहतर मुनाफा लेकर आई है। थानेसर अनाज मंडी में गुरुवार को बासमती 1509 का भाव 4000 रुपये प्रति क्विंटल के आंकड़े को छू गया। बीते तीन-चार सालों से जो फसल 2500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बड़ी मुश्किल से बिक पा रही थी, उसके अचानक मिले इस धमाकेदार भाव ने मंडी पहुंचे किसानों और आढ़तियों दोनों के चेहरों पर चमक ला दी है।
कम बारिश ने संवारी धान की रंगत, प्रति एकड़ 1 लाख तक की उम्मीद
मंडी में फसल बेचने पहुंचे गांव के किसान बल्लू ने बताया कि उन्होंने करीब तीन एकड़ में बासमती 1509 की पैदावार की थी। इस बार मानसून के दौरान क्षेत्र में औसतन बारिश कम दर्ज की गई, जिससे शुरुआती चिंता जरूर हुई, लेकिन बाद में यही कम बारिश फसल के लिए वरदान साबित हुई। बारिश कम होने की वजह से खेतों में कीड़े और बीमारियों का प्रकोप नहीं बढ़ा, जिससे धान का दाना एकदम साफ और चमकीला निकला। लागत निकालने के बाद इस बार किसानों को अच्छी बचत की पूरी उम्मीद है।
3-4 साल के मंदी के दौर के बाद मिली बड़ी राहत
आढ़ती एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य और कमीशन एजेंट चरणजीत लाल ने बताया कि पिछले तीन-चार सालों से बासमती 1509 की कीमतों पर लगातार मंदी की मार पड़ रही थी। किसान लागत निकालना भी मुश्किल समझ रहे थे। हालांकि, इस बार 4000 रुपये तक भाव पहुंचने से किसान प्रति एकड़ करीब 1 लाख रुपये तक की पैदावार हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम साफ रहने से फसल कटाई के बाद सूखी और साफ हालत में मंडी पहुंच रही है, जो इस तेजी की बड़ी वजह है।
बाजार में नए चावल की कमी और पैदावार की चर्चा का असर
बासमती 1509 के दामों में अचानक आई इस उछाल के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए चरणजीत लाल का मानना है कि इस समय अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजार में नए चावल का पुराना स्टॉक काफी कम है। वहीं कृषि विशेषज्ञों द्वारा बारिश की कमी के चलते कुल उत्पादन थोड़ा कम रहने की आशंका जताई जा रही थी, जिसके चलते व्यापारी और राइस मिलर्स शुरू से ही अच्छे दाम देकर माल समेटने की होड़ में हैं।
प्राइवेट एजेंसियों की मजबूत खरीदारी, मंडी प्रशासन मुस्तैद
थानेसर अनाज मंडी के सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि मंडी में किसानों की सुविधा के लिए पीने के पानी, शेड और बिजली के कड़े प्रबंध किए गए हैं। चूंकि बासमती 1509 एमएसपी के दायरे से बाहर की प्रीमियम किस्म है, इसलिए इसकी खरीद मुख्य रूप से प्राइवेट एजेंसियों और एक्सपोर्टर्स द्वारा ही की जा रही है। मंडी में 1509 के साथ-साथ सरकारी एजेंसी वाली परमल किस्मों की आवक भी छिटपुट रूप से शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में आवक और तेज होगी, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि बासमती 1509 का यह तेजी वाला रुख आगे भी इसी तरह कायम रहता है या नहीं।
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