Dhan Kharid Controversy: चढ़ूनी का बड़ा ऐलान, आज 11 बजे बंद होगा NH-44, जीटी रोड पर लगेगा जाम
चढ़ूनी का बड़ा ऐलान, आज 11 बजे बंद होगा NH-44
Dhan Kharid Controversy: हरियाणा की मंडियों में धान की आवक शुरू होने के बावजूद सरकारी खरीद की तारीख तय न होने से किसानों के सब्र का बांध टूट गया है। भारतीय किसान यूनियन (Gurnam Singh Chadhuni ) ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में नेशनल हाईवे-44 (Shahabad GT Road ) पर चक्का जाम करने की घोषणा की है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य भर के किसानों से शाहाबाद पहुंचने की अपील की है। किसान सुबह शाहाबाद-बराड़ा मार्ग स्थित शहीद ऊधम सिंह स्मारक पर एकत्र होंगे, जहां से सुबह 11 बजे जीटी रोड (NH 44 Jam Shahabad) पर पहुंचकर यातायात ठप किया जाएगा।
डीसी के आश्वासन के बाद भी नहीं शुरू हुई खरीद, चढ़ूनी ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सीधे तौर पर सरकार और स्थानीय प्रशासन पर किसानों से वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि गत 16 सितंबर को शाहाबाद मंडी में किसानों की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा स्वयं पहुंचे थे। उस दौरान किसानों ने मंडी में पड़ी फसल का हवाला देते हुए 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने की मांग रखी थी। प्रशासन की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर समय से पहले खरीद शुरू कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन 20 सितंबर की समयसीमा बीतने के बाद भी खरीद प्रक्रिया ठप पड़ी है।
‘तैयारी में ढील न बरतें किसान’, संगठन ने पदाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
आंदोलन को धार देने के लिए चढ़ूनी ने भाकियू के जिला, ब्लॉक और राज्य स्तरीय पदाधिकारियों को फोन करके अपने-अपने इलाकों से किसानों को शाहाबाद लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि जीटी रोड पर ही आगामी रणनीति का फैसला लिया जाएगा और जब तक सरकारी खरीद की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, किसान पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का तर्क है कि मंडियों में धान की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी सड़ रही है और निजी व्यापारी औने-पौने दामों पर फसल खरीदने की ताक में हैं।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 27 सितंबर तक खुला, पिछले साल 22 सितंबर से हुई थी खरीद
एक तरफ जहां किसान सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं, वहीं सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ (Meri Fasal Mera Byora) पोर्टल को 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोल दिया है, ताकि छूटे हुए किसान अपनी फसल का पंजीकरण करा सकें। हालांकि, किसानों की मुख्य मांग यह है कि पोर्टल पर पंजीकरण और भौतिक सत्यापन की जटिलता को खत्म कर तुरंत खरीद चालू की जाए। अगर पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में भी किसानों के भारी विरोध के बाद सरकार ने 1 अक्टूबर की बजाय 22 सितंबर से ही 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद शुरू कर दी थी।
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