Narnaul: आंगनवाड़ी केंद्रों में गूंजा पोषण का संदेश: ‘फास्ट फूड से बनाओ दूरी, मोटे अनाज और हरी सब्जी है जरूरी’
Narnaul: महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में चलाए जा रहे राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आज नारनौल के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।
वार्ड नंबर 5 में स्थित आंगनवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में पोषण अभियान की ब्लॉक कॉर्डिनेटर प्रिया ने महिलाओं, गर्भवती माताओं और धात्री माताओं को कुपोषण से मुक्ति और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने पारंपरिक और पोषक तत्वों से भरपूर खान-पान की महत्ता पर जोर देते हुए महिलाओं को अपने बच्चों को फास्ट फूड से दूर रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि आजकल के बच्चों में बढ़ रहा मोटापा और चिड़चिड़ापन सीधे तौर पर चाउमीन, बर्गर, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन का परिणाम है। यह न केवल बच्चों के शारीरिक विकास को बाधित करता है, बल्कि भविष्य में मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है।
पोषण थाली के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज पोषक तत्वों के वास्तविक भंडार हैं। रागी में मौजूद प्रचुर कैल्शियम बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाता है, जबकि बाजरा और ज्वार महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) दूर करने में अत्यंत सहायक हैं। इसके साथ ही मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियां शरीर को आवश्यक विटामिन, फाइबर और मिनरल्स प्रदान कर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को बाजरे के स्वादिष्ट लड्डू, मिक्स वेज दलिया और हरी सब्जियों के सूप जैसे पौष्टिक व्यंजन बनाने के आसान और व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए। कार्यक्रम के समापन पर सभी महिलाओं ने एक स्वर में ‘सही पोषण, देश रोशन’ का संकल्प लेते हुए अपने परिवार और बच्चों की दैनिक खुराक में घर का बना शुद्ध और पौष्टिक भोजन ही शामिल करने का प्रण लिया।
