Sad Panarsurjit delegation सीएम मान से मिला, आनंदपुर साहिब घटना की एसआईटी जांच की मांग
Sad Panarsurjit delegation सीएम मान से मिला, आनंदपुर साहिब घटना की एसआईटी जांच की मांग
Sad Panarsurjit delegation : चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल (पुनरसुरजीत) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने श्री आनंदपुर साहिब सराय मामले और उससे जुड़े तमाम हाई-प्रोफाइल पहलुओं की पंद्रह दिन के भीतर विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
पंजाब की राजनीति में गरमाए श्री आनंदपुर साहिब सराय विवाद को लेकर बुधवार को एक नया मोड़ सामने आया। शिरोमणि अकाली दल (पुनरसुरजीत) का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ पहुंचा और मुख्यमंत्री भगवंत मान से उनके सरकारी आवास पर लगभग आधे घंटे तक लंबी बैठक की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और एसजीपीसी से जुड़े इस संवेदनशील मामले के हर एक पहलू पर मुख्यमंत्री के सामने दस्तावेज रखे और पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल करने की मांग उठाई।
इस प्रतिनिधिमंडल में करनैल सिंह पीरमुहम्मद, मास्टर मिठू सिंह कानेके, गुरबख्श सिंह पड़ैन, भूपिंदर सिंह शेखपुर और दविंदर सिंह सोढी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल थे। नेताओं ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि बहरीन से नई दिल्ली लौटी महिला और उसकी बहू के हवाई टिकट का खर्च किसने उठाया था और उनके यहां आने का असली मकसद क्या था?
इसके अलावा, जब दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी गिरफ्तारी हुई और बाद में उन्हें नाभा जेल भेजा गया, तो वहां उन्हें कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं किसने मुहैया कराईं? क्या वह उस दौरान वहां बंद बिक्रम सिंह मजीठिया से मिली थीं? इन तमाम बिंदुओं पर से पर्दा उठाना बेहद जरूरी है।
गाड़ियों के मूवमेंट से लेकर नेताओं की भूमिका पर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नाभा जेल से रिहाई के बाद उस महिला को किन लोगों की गाड़ियों और संपर्कों के जरिए सीधे श्री आनंदपुर साहिब स्थित ‘भाई बचित्र सिंह निवास’ तक पहुंचाया गया, इसकी पूरी रूट मैप जांच होनी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए नेताओं ने शिरोमणि यूथ अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग रखी। उनका कहना है कि चुनाव टिकट हासिल करने से लेकर जेल से रिहाई और अकाली नेता विरसा सिंह वाल्टोहा से संपर्क साधने तक में उनकी क्या संलिप्तता रही है, इसकी परतें उघड़नी चाहिए।
एसजीपीसी और अन्य हस्तियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
दल के नेताओं ने ज्ञानी मलकीत सिंह (श्री अकाल तख्त साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी), ड्राइवर मोहन सिंह और मेजर सिंह कविशर के नाम लेते हुए उनके संपर्कों की भी जांच की मांग की है। पिछले आठ महीनों के दौरान उस महिला ने किस-किस से मुलाकात की, इसकी पूरी फेरिहर तैयार होनी चाहिए।
एसजीपीसी की देखरेख वाले परिसरों में उसे तमाम सहूलियतें क्यों और कैसे दी गईं, इस पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर से लेकर आम सेवादारों तक से पूछताछ की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी अमरजीत सिंह चावला को विदेश भागने में किसने सुरक्षित रास्ता दिया, इस राज से भी जल्द पर्दा उठना चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
