AI Dating Show: क्या अब खत्म हो जाएंगे इंसानी रिश्ते? AI के साथ डेटिंग करते दिखे साउथ कोरियन सेलिब्रिटीज
क्या अब खत्म हो जाएंगे इंसानी रिश्ते? AI के साथ डेटिंग करते दिखे साउथ कोरियन सेलिब्रिटीज
AI Dating Show: तकनीक जिस रफ्तार से हमारी जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है, उसने अब मानवीय रिश्तों के समीकरणों को भी बदलना शुरू कर दिया है। दक्षिण कोरिया (South Korea Reality Show) ने इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा रियलिटी शो पेश किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। ‘माई एआई पार्टनर: स्ट्रेंज लव’ (My AI Partner Strange Love) नाम के इस शो में प्रतियोगी किसी इंसान से नहीं, बल्कि हाथ में पकड़ी टैबलेट स्क्रीन में मौजूद एआई रोबोट से प्यार और डेटिंग के अनुभव साझा कर रहे हैं।
सितारों की पसंद से तैयार हुए एआई पार्टनर, मिलने लगा ‘सुरक्षा का अहसास’
दक्षिण कोरिया के शीर्ष मीडिया संस्थानों के मुताबिक, इस शो में देश के कई चर्चित सितारे भाग ले रहे हैं। प्रतियोगियों की व्यक्तिगत पसंद और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इन डिजिटल पार्टनर्स का रूप-रंग और आवाज डिजाइन की गई है। जाने-माने वेबटून कलाकार कियान 84, जो पहले किसी मशीन से दिल लगाने की बात को सिरे से खारिज करते थे, अब इस बॉट के कायल नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस डिजिटल साथी ने उन्हें एक अजीब सी सुरक्षा और सुकून का अहसास कराया, जो आजकल इंसानी रिश्तों में कम ही देखने को मिलता है।
बिना बहस और शिकायत का रिश्ता: टीवी होस्ट भी हुईं हैरान
शो के एक भावुक पल में जब टीवी होस्ट जांग डो-योन (Jang Do Yeon AI Partner) के एआई पार्टनर ने उनकी पसंद का गाना बजाया, तो वह बेहद खुश हो गईं और हाथ में टैबलेट थामे ही झूमने लगीं। उन्होंने इस बात पर विचार व्यक्त किया कि क्या गहरे भावनात्मक जुड़ाव के लिए दो लोगों का शारीरिक रूप से एक साथ होना वाकई जरूरी है? वहीं शो के मेकर्स का मानना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग इंसानी रिश्तों में होने वाली अनबन और भावनात्मक थकान (Emotional Fatigue) से दूरी बनाना चाहते हैं, जहां एआई बिना किसी बहस या उम्मीदों के एक मुकम्मल साथी की तरह पेश आता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: वरदान या इंसानी एकाकीपन का संकेत?
इस अजीबोगरीब रियलिटी शो ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक वर्ग का तर्क है कि जैसे लोग कहानियों, किताबों या फिल्मों के काल्पनिक पात्रों से दिल लगा लेते हैं, वैसे ही एआई से भावनात्मक लगाव में कोई हर्ज नहीं है। हालांकि, समाजशास्त्रियों और इंटरनेट यूज़र्स का दूसरा धड़ा इसे चिंताजनक मान रहा है। (Tech and Relationships) उनका कहना है कि अगर लोग एआई की इस ‘परफेक्ट’ और बिना कमी वाली दुनिया के आदी हो गए, तो वे असल जिंदगी के उन इंसानों से कट जाएंगे जिनमें खामियां, गुस्सा और भावनाएं होती हैं।
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