‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच मुंबई में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्राएं शुरू
गणपति बप्पा की विदाई का दिन
Ganpati Visarjan 2026: मुंबई में शुक्रवार सुबह से ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। गणेशोत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए सड़कों पर उतरे। सार्वजनिक गणेश मंडलों में पूजा और आरती के बाद प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन शोभायात्राएं निकाली गईं। शोभायात्राओं में ढोल-ताशों की थाप, पारंपरिक संगीत और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे सुनाई दिए। कई जगह श्रद्धालु नाचते हुए आगे बढ़े, जबकि शोभायात्राओं के रास्ते में फूलों की बारिश भी की गई। गणेशोत्सव का यह अंतिम दिन मुंबई के लिए बेहद खास होता है। 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को शुरू हुई थी और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को पड़ रही है। इसी दिन बड़ी संख्या में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है।
लालबाग इलाके में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों के किनारे जमा रहे। महिलाओं और बच्चों समेत लोग विसर्जन शोभायात्राओं को देखने पहुंचे। कई प्रमुख गणेश मंडलों की शोभायात्राओं में ढोल-ताशा मंडलियां भी शामिल रहीं। मुंबई का लालबाग गणेशोत्सव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चित इलाकों में रहता है। यहां स्थित ‘लालबागचा राजा’ के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी गणेशोत्सव के दौरान यहां लगातार भीड़ देखने को मिली। शुक्रवार को विभिन्न मंडलों की प्रतिमाएं अलग-अलग विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुईं। गिरगांव चौपाटी समेत प्रमुख विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए विशेष व्यवस्था की है।
24 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी संभाल रहे सुरक्षा व्यवस्था
अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मी शहर में तैनात हैं। इनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और यातायात संभालने वाली टीमें शामिल हैं। पुलिस ने संवेदनशील और भीड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त बल लगाया है। रैपिड एक्शन फोर्स, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम और अन्य विशेष इकाइयों को भी जरूरत के मुताबिक तैनात किया गया है। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, प्रमुख सड़कों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए डायवर्जन और नो-पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। जेवीएलआर, लालबाग और कालाचौकी जैसे भीड़ वाले इलाकों में यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने भी बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं। बीएमसी के मुताबिक, 25 हजार से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी विसर्जन व्यवस्था में लगाए गए हैं। नगर निकाय ने 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों के अलावा 383 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की है। विसर्जन स्थलों पर लाइफगार्ड, एंबुलेंस, मेडिकल टीम, मोटरबोट और अन्य आपात सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बीएमसी ने 1,132 लाइफगार्ड, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट भी तैनात की हैं। विसर्जन स्थलों पर रात के समय भीड़ और गतिविधियों को देखते हुए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है। बीएमसी के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर 6,052 फ्लडलाइट और सर्चलाइट लगाए गए हैं।
श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
मुंबई पुलिस और बीएमसी ने श्रद्धालुओं से निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही इस्तेमाल करने और ड्यूटी पर तैनात पुलिस तथा नगर निकाय कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने और किसी संदिग्ध या लावारिस वस्तु की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा है। आपात स्थिति में 100 या 112 नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। गणपति विसर्जन के दौरान मुंबई की सड़कों पर दिनभर अलग-अलग मंडलों की शोभायात्राएं निकलती रहेंगी। पूजा, ढोल-ताशों और जयकारों के बीच गणपति बप्पा को विदाई देने के बाद प्रतिमाओं का प्राकृतिक जलाशयों या प्रशासन की ओर से बनाए गए कृत्रिम तालाबों में विसर्जन किया जाएगा।
