Patti Medical Store Sealed : बिना बिल दवाईयां बेचने पर मेडिकल स्टोर सील, स्वास्थ्य मंत्री को भेजी लाइसेंस रद्द करने की रिपोर्ट
बिना बिल दवाईयां बेचने पर मेडिकल स्टोर सील, स्वास्थ्य मंत्री को भेजी लाइसेंस रद्द करने की रिपोर्ट
Patti Medical Store Sealed : तरनतारन जिले के पट्टी शहर में दवाओं के अनधिकृत कारोबार और टैक्स चोरी के खिलाफ ड्रग्स विभाग ने शिकंजा कस दिया है। गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल के पास रेगर कॉलोनी स्थित करतार मेडिकल स्टोर पर जिला ड्रग इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने औचक जांच करते हुए दुकान को मौके पर ही सील कर दिया। शुरुआती पड़ताल में ही मेडिकल स्टोर में बिना बिल दवाइयों की बिक्री करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के गंभीर साक्ष्य मिले हैं।
बिना बिल बेची जा रही थीं 300 प्रेगा गोलियां
जांच के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने जब मेडिकल स्टोर के स्टॉक और बिक्री रजिस्टरों की भौतिक पड़ताल शुरू की, तो कई गड़बड़ियां सामने आईं। दुकान संचालक बिना किसी वैध बिल और टैक्स भुगतान के बड़े पैमाने पर दवाओं की खरीद-बिक्री कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान लगभग 300 प्रेगा (Prega) गोलियों का न तो कोई खरीद बिल मिला और न ही बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज पाया गया। इसके अलावा सिरदर्द, पेट दर्द और दैनिक इस्तेमाल में आने वाली कई अन्य जीवन रक्षक दवाओं को भी बिना बिल के बेचा जा रहा था।
रिकॉर्ड में हेरफेर और सेल टैक्स की चोरी पकड़ी गई
स्वास्थ्य विभाग की जांच में साफ हुआ कि मेडिकल स्टोर संचालक लंबे समय से अनिवार्य रिकॉर्ड और टैक्स अदायगी के सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहा था। दवाइयों की वास्तविक आवक और बिक्री के आंकड़ों में भारी अंतर मिला, जो सीधे तौर पर टैक्स चोरी की तरफ इशारा करता है।
जिला ड्रग इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने सभी बिलों, खरीद-बिक्री के रजिस्टरों और संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कागजी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद इस मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य मंत्री और विभाग को लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
दुकान में पाई गई गंभीर खामियों के तुरंत बाद ड्रग इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने करतार मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री को लिखित सूचना भेजकर उक्त मेडिकल स्टोर का ड्रग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने की मजबूत सिफारिश की है।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि दवाओं की कालाबाजारी, बिना पर्ची बिक्री या टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होते ही दोषी पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियम अनुसार आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
