Heart Attack Risk At Night Diet: सोते समय क्यों आता है साइलेंट हार्ट अटैक? नए शोध में रात के खाने को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
सोते समय क्यों आता है साइलेंट हार्ट अटैक? नए शोध में रात के खाने को लेकर हुआ बड़ा खुलासा
Heart Attack Risk At Night Diet: बदलती जीवनशैली, देर रात तक जागने की आदत और जंक फूड के बढ़ते चलन ने आज हर उम्र के इंसान को बीमारियों के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। सबसे ज्यादा खौफनाक वे मामले हैं, जिनमें इंसान रात को चैन से सोता है और सुबह उसकी साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की खबर आती है। आखिर सोते समय दिल अचानक धोखा क्यों दे जाता है? हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक शोध ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए बताया है कि हमारे रात के खाने (डिनर) और सोते समय दिल की सेहत के बीच एक सीधा और गहरा संबंध है।
फाइबर और प्लांट फूड्स: दिल के लिए रात का सुरक्षा कवच
रिसर्च के आंकड़ों पर नजर डालें तो जो लोग अपनी रोजाना की खुराक में बीन्स, दालें, ताजे फल, हरी सब्जियां और नट्स (अखरोट, बादाम) जैसे कम प्रोसेस्ड प्लांट-बेस्ड फूड्स को प्राथमिकता देते हैं, उनका रात में औसत हार्ट रेट (Heart Rate) करीब 1.14 बीट प्रति मिनट (bpm) कम रहता है। मेडिकल साइंस में रात के समय कम और स्थिर हार्ट रेट को इस बात का संकेत माना जाता है कि शरीर और दिल पूरी तरह विश्राम (Recovery Mode) में हैं। इसके विपरीत, रिफाइंड या प्रोसेस्ड खाना खाने वालों का दिल रात में भी तेज गति से काम करता रहता है, जिससे अटैक का जोखिम बढ़ता है।
गहरी नींद और REM स्लीप का गणित
शोध में पाया गया कि हाई-फाइबर डाइट लेने वाले लोगों को न केवल नींद जल्दी आती है, बल्कि उनकी नींद की गुणवत्ता भी बहुत बेहतर होती है। ऐसे लोगों में गहरी नींद (Deep Sleep) करीब 0.59 प्रतिशत पॉइंट और REM स्लीप (वह चरण जिसमें दिमाग रीसेट होता है) करीब 0.76 प्रतिशत पॉइंट ज्यादा दर्ज की गई। वहीं, हल्की नींद में 1.35 प्रतिशत पॉइंट की कमी आई। इसके अलावा, पौधों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) से भरपूर डाइट लेने वालों का हार्ट रेट भी रात में 0.93 bpm तक नियंत्रित मिला।
सोने से ठीक पहले पेट भरकर खाना: एक मीठा जहर?
अक्सर लोग रात को देर से भारी-भरकम डिनर करने के आदी होते हैं। रिसर्च में इस आदत को लेकर एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। सोने से 6 घंटे पहले तक जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने वाले लोगों की कुल नींद का समय 7.7 मिनट जरूर बढ़ा, लेकिन इसके साथ ही उनका रात का औसतन हार्ट रेट भी 0.73 bpm बढ़ गया। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात को भारी खाना खाने से पाचन तंत्र को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। इससे एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और पेट फूलने जैसी समस्याएं तो होती ही हैं, साथ ही दिल पर भी बेवजह दबाव बनता है।
सिर्फ डिनर ही नहीं, पूरी लाइफस्टाइल को रीसेट करना जरूरी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले साल 2021 में इस्केमिक हार्ट डिजीज (IHD) से दुनिया भर में करीब 90 लाख लोगों की जान गई, जो कुल मौतों का लगभग 13% है। इनमें से 85% मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं।
डॉक्टरों का साफ कहना है कि केवल रात के खाने में बदलाव कर लेने भर से हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता। इसके लिए पूरे दिन का संतुलित खान-पान, नियमित वर्कआउट, स्मोकिंग-शराब से दूरी और ब्लड प्रेशर, शुगर व कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। कुल मिलाकर, रात को हल्का, फाइबर से भरपूर खाना और सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले डिनर कर लेना ही आपके दिल को लंबी उम्र दे सकता है।
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