Railway Group D Fraud: रेलवे भर्ती में AI कैमरे ने पकड़ा मुन्नाभाई, खुद पास होकर दूसरे की जगह दौड़ने पहुंचा आरोपी दीवार कूदकर फरार
रेलवे भर्ती में AI कैमरे ने पकड़ा मुन्नाभाई, खुद पास होकर दूसरे की जगह दौड़ने पहुंचा आरोपी दीवार कूदकर फरार
Railway Group D Fraud:अंबाला छावनी के रेल विहार स्थित रेलवे स्टेडियम में चल रही रेलवे ग्रुप-डी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में हाई-टेक फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों की सतर्कता के चलते एक ऐसे ‘मुन्नाभाई’ की चालाकी पकड़ी गई, जो खुद परीक्षा पास करने के बाद अगले ही दिन दूसरे अभ्यर्थी की जगह फर्जी तरीके से दौड़ लगाने पहुंच गया था। हालांकि मामला खुलते ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर स्टेडियम की बाउंड्री वॉल फांदकर भागने में कामयाब हो गया।
22 से 28 सितंबर तक आयोजित हो रही है भर्ती परीक्षा
रेलवे भर्ती सेल (RRC) नई दिल्ली द्वारा अंबाला रेल मंडल में 22 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक ग्रुप-डी पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए रेलवे ने बेहद सख्त सुरक्षा इंतजाम और आधुनिक एआई कैमरों का नेटवर्क तैयार किया है। इसी मुस्तैदी का नतीजा है कि परीक्षा के दौरान अब तक अलग-अलग मामलों में कुल 8 फर्जी अभ्यर्थियों और मुन्नाभाइयों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
एआई कैमरे ने कैसे पकड़ा चेहरा?
23 सितंबर को टीटीआईपीएल के इंचार्ज द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, परीक्षा के दौरान एआई बायोमीट्रिक-फेस कैमरों ने एक अभ्यर्थी के चेहरे पर संदिग्ध मिसमैच का अलर्ट जारी किया। सिस्टम ने तुरंत ट्रैक किया कि 23 सितंबर को ‘सतीश कुमार पुत्र गुरमैल’ के नाम से दौड़ने आया युवक का चेहरा असल में एक दिन पहले यानी 22 सितंबर को परीक्षा दे चुके ‘दीपक पुत्र चांद राम’ (रोल नंबर: 178241170465121) से 100 फीसदी मैच कर रहा था।
पहचान छुपाने के लिए बदला था टैग नंबर
जब रेलवे अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की और सतीश कुमार के नाम वाले दस्तावेज व आधार कार्ड की गहन जांच की, तो एआई कैमरे का दावा पूरी तरह सच साबित हुआ। पकड़ा गया शख्स सतीश नहीं बल्कि दीपक ही था। शातिर दीपक ने 22 सितंबर को खुद की दौड़ पास कर ली थी और 23 सितंबर को सतीश का मुन्नाभाई बनकर ग्राउंड में उतर गया था। पहचान छुपाने के लिए उसने 22 सितंबर वाले अपने चेस्ट/टैग नंबर 1292 की जगह 23 सितंबर को टैग नंबर 0619 पहन रखा था।
दीवार फांदकर भागा आरोपी, दोनों की उम्मीदवारी रद्द
धोखाधड़ी उजागर होने के बाद भर्ती दक्षता समिति ने आरोपी दीपक का बयान दर्ज किया और उससे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। इसी दौरान जब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान उसे हिरासत में लेने पहुंचे, तो वह मौका पाकर परीक्षा स्थल की ऊंची दीवार फांदकर रफूचक्कर हो गया। रेलवे सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत पर पड़ाव थाना अंबाला कैंट में आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फरार दीपक और असली अभ्यर्थी सतीश कुमार दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं रेलवे प्रशासन दोनों की उम्मीदवारी रद्द करने की प्रक्रिया में जुटा है।
यह भी पढ़ें– हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा हाल
