September 29, 2026

बवाल के बाद पंजाब की LPU दस दिन के लिए बंद: मिड-टर्म परीक्षाएं रद्द, इंटरनेट बंद; CM मान ने दिए जांच के आदेश

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बवाल के बाद पंजाब की LPU दस दिन के लिए बंद: मिड-टर्म परीक्षाएं रद्द, इंटरनेट बंद; CM मान ने दिए जांच के आदेश

LPU 10 दिन के लिए बंद

LPU Student Protest: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से कथित रेप और आत्महत्या की खबर सोशल मीडिया पर फैलने के बाद भारी हंगामा हो गया। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन रविवार देर रात तक जारी रहा। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की, पुलिस पर पथराव किया और कुछ पुलिस वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शन के चलते दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर करीब 18 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पंजाब के DGP गौरव यादव को मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने को कहा है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने हंगामे के बाद संस्थान को 10 दिन के लिए बंद कर दिया है और मिड-टर्म परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों से कहा है कि जो विद्यार्थी छुट्टियों के दौरान घर जाना चाहते हैं, वे अपने अभिभावकों को बुलाकर घर जा सकते हैं। जो छात्र कैंपस में रुकेंगे, उन्हें बेवजह हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। केवल जरूरी काम होने पर ही हॉस्टल से बाहर आने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर विश्वविद्यालय में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है।

 

सोशल मीडिया पर रेप का मैसेज वायरल होने के बाद भड़का विवाद

LPU में शनिवार रात उस समय तनाव बढ़ना शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध संदेश तेजी से वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर एक छात्रा के साथ रेप किया है। इसके साथ ही छात्रा की आत्महत्या की बात भी फैलने लगी। इस संदेश के बाद बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल के बाहर जमा हो गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और बाहरी लोग आसानी से परिसर में दाखिल हो सकते हैं। छात्रों ने प्रशासन से कथित घटना पर जवाब मांगा और कार्रवाई की मांग की। धीरे-धीरे प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी और एक जगह आग लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य गेट की ओर बढ़े और वहां भी तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।

विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन के बाद छात्र मुख्य गेट से बाहर निकल आए और दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रविवार सुबह करीब 6 बजे से जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने छात्रों को समझाकर पहले जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन छात्र दोबारा सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी छात्र कथित रेप और आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। छात्रों का कहना था कि जब तक पुलिस मामला दर्ज नहीं करती, वे हाईवे से नहीं हटेंगे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने कई बार छात्रों से बातचीत की, लेकिन शुरुआती प्रयासों से कोई समाधान नहीं निकल सका। कपूरथला के SSP गौरव तूरा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को बताया कि विश्वविद्यालय में किसी छात्रा के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी और नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। हाईवे पर लगातार बढ़ते जाम और तनाव को देखते हुए DIG नवीन सिंगला को भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा।

 

FIR दर्ज होने के बाद भी नहीं माने छात्र, सांसद अशोक मित्तल से मिलने की मांग

DIG नवीन सिंगला ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और उन्हें मामले की जांच का भरोसा दिलाया। हालांकि, छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पहले FIR दर्ज की जाए और उसकी कॉपी उन्हें दिखाई जाए। इसके बाद ही वे हाईवे से धरना हटाने पर विचार करेंगे। छात्रों की मांग के बाद पुलिस ने फगवाड़ा के सतनामपुरा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस ने FIR की कॉपी भी छात्रों को दिखाई। इसके बावजूद प्रदर्शन खत्म नहीं हुआ। छात्रों ने इसके बाद विश्वविद्यालय के मालिक और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से मिलने की मांग रख दी। उनका कहना था कि सांसद से बातचीत के बाद ही वे धरना समाप्त करेंगे। इस दौरान पुलिस और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। अधिकारियों ने छात्रों को उनकी शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन बातचीत के बावजूद पूरे दिन गतिरोध बना रहा। हाईवे पर यातायात बाधित होने के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रविवार रात करीब 8 बजे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हो गया। छात्रों ने पुलिस पर पानी की बोतलें और पत्थर फेंके। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस कार्रवाई के दौरान कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन और उग्र हो गया। गुस्साए छात्रों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। धीरे-धीरे छात्र अपने हॉस्टल के कमरों में लौट गए और परिसर में स्थिति नियंत्रण में आ गई। हाईवे पर धरना खत्म होने के बाद पुलिस ने यातायात बहाल करवाया। रविवार रात करीब 12 बजे दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे को वाहनों के लिए खोल दिया गया। करीब 18 घंटे से जाम में फंसे वाहन इसके बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात है।

 

रेप के आरोपों की जांच के लिए SIT गठित, पांच छात्र भी शामिल

पुलिस ने छात्रों की मांग पर FIR दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, इस टीम में पांच छात्र भी शामिल हैं। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। DIG ने बताया कि अब तक इस मामले में कोई पीड़िता सामने नहीं आई है। पुलिस को रेप और आत्महत्या के दावों की पुष्टि करने वाले ठोस सबूत भी नहीं मिले हैं। इसके बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखी है। विश्वविद्यालय परिसर में लगे CCTV कैमरों की पिछले चार से पांच दिनों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस छात्रों की ओर से रखी गई अन्य मांगों पर भी बातचीत कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने छात्रों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

हंगामे के बीच छात्रों की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया गया। इसमें एक शव जमीन पर पड़ा दिखाई दे रहा है और पास में एम्बुलेंस खड़ी है। वीडियो के आधार पर दावा किया गया कि जिस छात्रा के साथ कथित रेप हुआ था, उसने आत्महत्या कर ली है। हालांकि, इस वीडियो और इससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि छात्रा ने कथित रेप की शिकायत हॉस्टल वार्डन और विश्वविद्यालय प्रबंधन से की थी। छात्रों के मुताबिक, शिकायत पर उचित सुनवाई नहीं हुई और छात्रा को घर भेज दिया गया। उनका दावा था कि छात्रा परेशान होकर घर चली गई थी, लेकिन दो दिन बाद वापस विश्वविद्यालय लौट आई। छात्रों ने आरोप लगाया कि लौटने के बाद छात्रा ने हॉस्टल की इमारत से छलांग लगा दी। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने अब तक रेप और आत्महत्या के दावों की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावों को जांच के नतीजे से पहले प्रमाणित घटना नहीं माना जा सकता।

 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने रेप और आत्महत्या के आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा से रेप और आत्महत्या के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। विश्वविद्यालय के एग्जीक्यूटिव डीन डॉ. सौरभ लखनपाल और रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि कुछ अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। विश्वविद्यालय छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और कैंपस पूरी तरह सुरक्षित है। प्रबंधन ने छात्रों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस बयान के बाद भी छात्रों का विरोध जारी रहा। छात्रों की मांगों, पुलिस की कार्रवाई और कथित घटना को लेकर कैंपस में तनाव बना रहा। आखिरकार रविवार देर रात स्थिति नियंत्रण में आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 10 दिन की छुट्टी घोषित कर दी।

 

10 दिन बंद रहेगा विश्वविद्यालय, मिड-टर्म परीक्षाएं रद्द

हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने संस्थान को 10 दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मिड-टर्म परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। छात्रों को छुट्टियों के दौरान अपने घर जाने का विकल्प दिया गया है। जो विद्यार्थी घर जाना चाहते हैं, उन्हें अपने अभिभावकों को बुलाने के लिए कहा गया है। जो छात्र विश्वविद्यालय में ही रुकना चाहते हैं, उन्हें हॉस्टल में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। छात्रों को केवल जरूरी काम होने पर ही हॉस्टल से बाहर आने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एहतियात के तौर पर विश्वविद्यालय परिसर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। विश्वविद्यालय बंद होने और परीक्षाएं रद्द होने से छात्रों की पढ़ाई का कार्यक्रम प्रभावित होगा। फिलहाल प्रबंधन ने 10 दिन के लिए संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है। वहीं, परिसर में पुलिस की तैनाती के बीच मामले की जांच जारी है।

 

CM भगवंत मान ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

LPU में हुए बवाल पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त संज्ञान लिया है। उन्होंने बयान जारी कर मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने DGP गौरव यादव को खुद मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने को कहा है। विश्वविद्यालय में हुए हंगामे के दौरान तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस के साथ टकराव और हाईवे जाम की घटनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों की शिकायतों की जांच करने की जिम्मेदारी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। कथित रेप और आत्महत्या के दावों की जांच जारी है। SIT CCTV फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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