Chandigarh News: बर्फीली चोटियों पर हौसले की उड़ान, 7355 मीटर पर चंडीगढ़ पुलिस के सचिन ने फहराया तिरंगा
कामेट का रास्ता बंद हुआ तो बदला लक्ष्य
Chandigarh News: चारों तरफ बर्फ, सामने खड़ी चुनौती और मौसम लगातार बिगड़ता हुआ… ऐसे हालात में चंडीगढ़ पुलिस के पर्वतारोही सचिन कुमार ने हार नहीं मानी। माउंट कामेट का रास्ता मौसम के कारण बंद हुआ तो अभियान का रुख 7355 मीटर ऊंची माउंट अबी गामिन की ओर मोड़ दिया गया। कठिन चढ़ाई के बाद 17 सितंबर की सुबह सचिन ने अबी गामिन की चोटी पर तिरंगा फहरा दिया। सचिन के अनुसार, वह यूटी चंडीगढ़ से अबी गामिन चोटी तक पहुंचने वाले पहले पुलिस जवान हैं। वह माउंट कामेट (7756 मीटर) और अबी गामिन के संयुक्त अभियान पर निकले थे। दिल्ली में इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन (आईएमएफ) के फ्लैग-ऑफ के साथ अभियान शुरू हुआ था, लेकिन 14 सितंबर के बाद मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण कामेट का रूट समय पर नहीं खुल सका। टीम ने जोखिम और परिस्थितियों का आकलन किया और कामेट की जगह अबी गामिन अभियान जारी रखने का फैसला किया।
अबी गामिन की राह आसान नहीं थी। गरवाल हिमालय में भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र के निकट स्थित इस चोटी तक पहुंचने के दौरान टीम को ग्लेशियर, बर्फीली ढलानों, मोरेन और क्रेवास पार करने पड़े। तेज हवाओं, हाड़ कंपाती ठंड और बेहद कम ऑक्सीजन ने चुनौती और बढ़ा दी। अभियान क्षेत्र में आईटीबीपी के अलावा इंडो-अर्जेंटीना आर्मी टीम और इंडियन आर्मी आर्टिलरी टीम भी मौजूद रही। सचिन ने बताया कि इस कठिन अभियान के पीछे मोरनी हिल्स का तेजा ट्रैक भी उनकी तैयारी का अहम हिस्सा रहा। उन्होंने यहां लगातार कठिन चढ़ाई, लंबी दूरी तक पैदल चलने और सहनशक्ति बढ़ाने का अभ्यास किया। उनका कहना है कि मोरनी में की गई ट्रेनिंग ने हिमालय में काफी मदद की।
एवरेस्ट अभियान के दौरान डेकाथलॉन जीरकपुर से मिले कपड़े और जूते भी अबी गामिन की चढ़ाई में उपयोगी रहे। सचिन ने इसके लिए संस्थान का आभार जताया। सचिन के लिए यह पहली बड़ी चोटी नहीं है। वह 22 मई 2024 को 8849 मीटर ऊंचे एवरेस्ट और 25 मई 2024 को 8516 मीटर ऊंचे ल्होत्से का सफल आरोहण कर चुके हैं। अबी गामिन की फतह उनके 20 से अधिक उच्च हिमालयी और अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियानों के अनुभव में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। सचिन ने अपनी इस सफलता को दिवंगत पर्वतारोहियों को समर्पित किया। उन्होंने अभियान में साथ देने वाले परिवार, टीम के सदस्यों, दोस्तों और शुभचिंतकों का आभार जताया। अभियान के औपचारिक समापन के लिए आईएमएफ की ओर से फ्लैग-इन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
