Abohar Suicide : अबोहर में 24 वर्षीय युवती ने फंदा लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में भाभी पर लगाए गंभीर आरोप
अबोहर में 24 वर्षीय युवती ने फंदा लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में भाभी पर लगाए गंभीर आरोप
Abohar Suicide : अबोहर शहर की नई आबादी गली नंबर-14 से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां घरेलू क्लेश और मानसिक तनाव से तंग आकर एक 24 वर्षीय युवती ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान आरती के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही थाना नंबर-2 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें मृतका ने अपनी भाभी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर स्थानीय नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है, जहां उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। परिजनों के बयानों और सुसाइड नोट की सामग्री के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
दवाई लेने गए थे परिजन, घर लौटने पर बंद मिला मुख्य दरवाजा
घटना वाले दिन आरती के पिता डॉक्टर मदन लाल चौधरी, भाई सनप्रीत उर्फ सोनू और मां रानी चौधरी आवश्यक दवाइयां लेने के लिए पास के शहर श्रीगंगानगर गए हुए थे। आरती घर पर अकेली थी। सोमवार शाम करीब छह बजे जब परिवार के लोग वापस लौटे तो घर का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो संशय बढ़ा।
इसके बाद आरती का भाई सोनू पड़ोसी की छत के सहारे घर के अंदर दाखिल हुआ और मुख्य दरवाजा खोला। अंदर जाकर देखा तो कमरे में आरती पंखे से बंधी रस्सी के सहारे लटकी हुई थी। बहन को इस हालत में देखकर परिजनों के होश उड़ गए और घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।
बच्चे को गोद देने को लेकर घर में चल रहा था कलह : 3 महीने से मायके में थी भाभी
मामले की पृष्ठभूमि में भारी घरेलू विवाद की बात सामने आ रही है। मृतका के भाई सनप्रीत उर्फ सोनू, जो पंजाब ग्रामीण बैंक में कार्यरत हैं, का विवाह करीब दस महीने पहले हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही घर में कलह शुरू हो गया था। सोनू की गर्भवती पत्नी पिछले तीन महीनों से अपने मायके में रह रही थी।
सूत्रों के अनुसार विवाद की मुख्य वजह यह थी कि सोनू की पत्नी अपना होने वाला पहला बच्चा गांव बनवाला निवासी अपनी बड़ी बहन को देना चाहती थी, जिसकी कोई संतान नहीं है। हालांकि, सोनू और उसका पूरा परिवार इस फैसले के सख्त खिलाफ था। इसी बात को लेकर घर में आए दिन विवाद होता रहता था। आरोप है कि भाभी द्वारा सोनू की नौकरी छुड़वाने और परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकियां भी दी जा रही थीं।
भाई ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस लगातार जारी पारिवारिक कलह के कारण डॉक्टर मदन लाल चौधरी का स्वास्थ्य भी लगातार गिर रहा था। इस परिवार पर दुखों का यह पहला पहाड़ नहीं है; कुछ वर्ष पूर्व डॉक्टर चौधरी के छोटे बेटे मोनू का भी देहांत हो चुका था। आरती को डॉक्टर चौधरी ने अपने एक रिश्तेदार से गोद लिया था और उसे बेटी की तरह पाला-पोसा था।
मृतका के भाई सोनू ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरती के सुसाइड नोट को मुख्य आधार मानते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए। थाना नंबर-2 पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की लिखावट की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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