Narnaul: हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
Narnaul: अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और हर नागरिक की जान की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं को पूरी तरह से रोकना है।
मंगलवार को लघु सचिवालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की बैठक में जिले में सड़क हादसों की स्थिति की समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि जिले में एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग की सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट काफी हद तक पूरा हो चुका है। मॉडल रोड के रूप में विकसित किए जाने वाले पांच किलोमीटर के कई खंडों का कार्य भी पूर्ण हो गया है।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत अगस्त और सितंबर माह में परिवहन विभाग, एसडीएम और ट्रैफिक पुलिस की टीमों ने सैकड़ों स्कूल बसों की जांच की। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के चालान भी किए गए।
यातायात नियमों के पालन के लिए भी सख्ती जारी है। सीट बेल्ट, हेलमेट, ओवर स्पीडिंग सहित विभिन्न उल्लंघनों पर बड़े स्तर पर चालान किए गए हैं। ट्रॉमा सेंटर में एक्स-रे, ईसीजी, आपातकालीन ओटी और 112 एम्बुलेंस सेवा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहीं एम्बुलेंस की औसत प्रतिक्रिया अवधि लगभग छह मिनट है।
एडीसी ने ब्लैक स्पॉट की पहचान, अवैध कटों को बंद करने, ट्रैफिक लाइटों की मरम्मत, रेलवे अंडरपास पर मार्किंग व लाइटिंग, चौराहों पर मार्किंग और अवैध विज्ञापन बोर्ड हटाने जैसे कार्य निर्धारित समय में पूरे करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन विभागों की कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) लंबित है वे उसे फोटो सहित शीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि आगामी बैठक में प्रगति की समीक्षा की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि सड़क सुरक्षा को अभियान की तरह लें और आमजन को जागरूक करने के लिए नशामुक्ति, प्राथमिक चिकित्सा और यातायात नियमों पर शिविर आयोजित करें।
बैठक में डीएमसी रणवीर सिंह, सचिव आरटीए मनोज कुमार, एसडीएम कनीना डॉक्टर जितेंद्र सिंह, एसडीम नांगल चौधरी उदय सिंह तथा एसडीएम नारनौल गुरविंदर सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यातायात नियमों की कड़ाई से हो रही पलना, दो माह में करीब 12 हजार चालान
जिला में यातायात नियमों का शक्ति से पालन करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। दो माह में करीब 12 हजार चालान हुए हैं।
अगस्त और सितंबर में विभिन्न यातायात उल्लंघनों पर करीब 12 हजार चालान किए गए।
बिना हेलमेट: करीब 4,600 चालान।
ओवरस्पीडिंग: करीब 1,300 चालान।
गलत साइड ड्राइविंग: करीब 500 चालान।
सीट बेल्ट न लगाने पर: करीब 170 चालान।
नशे में वाहन चलाने और मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग: क्रमशः 27 और 37 चालान।
आरटीए नारनौल ने दोनों माह में करीब 740 चालान किए जिनसे लगभग 2.35 करोड़ रुपये की कंपोजिशन फीस वसूली गई। सितंबर में चालानों की संख्या बीते वर्ष की तुलना में बढ़ी है। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत दोनों माह में करीब 830 स्कूल बसों की जांच हुई और नियमों की अनदेखी करने वाली बसों के लगभग 95 चालान किए गए।
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