Narnaul: दुलोठ जाट में 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा
Narnaul: नारनौल के समीप गांव दुलोठ जाट में आयोजक किन्जा परिवार और ग्रामवासियों के द्वारा आयोजित 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक संगीतमय श्रीमदभागवत कथा का आयोजन किया जा रहा हैं।
कथा से पूर्व बुधवार सुबह बाबा भैया मंदिर से कलश यात्रा का शुभारम्भ किया गया, जिसमे सर्वप्रथम मुख्य यजमान राकेश कुमार, सुरेश कुमार, महिपाल सिंह, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार एवं समस्त परिवार द्वारा आचार्य मनीष शास्त्री एवं पं यश शर्मा, पं गोपेश शर्मा ने विधि-विधान से श्री गणपति पूजन , कलश और नवग्रह तथा षोडश मातृका और पितरों का पूजन करवाया। सभी कलशों सहित ठाकुर जी का भी पूजन किया गया गया।
कथा के शुभारम्भ पर आचार्य बजरंग शास्त्री ने कलश यात्रा का शुभारम्भ करवाया और मंदिर से घोड़ी बग्गी, बैण्ड बाजे, राधाकृष्ण की मनमोहक झांकी और ध्वजा से युक्त भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जो गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर जाकर सम्पन्न हुई, जहाँ पर सर्वप्रथम मुख्य यजमान द्वारा भागवत जी का पूजन करवा कर भागवत जी को विराजमान किया गया और व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। फिर भागवत आचार्य पं. बजरंग शास्त्री जी का तिलक माला के द्वारा आयोजक ने पूजन किया।
कथा के आयोजक कौशिक परिवार ने बताया की प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से शाम 3 बजे तक आचार्य पं.बजरंग शास्त्री अपने मुखारबिंद से भक्तो को भागवत कथा का रसपान करवाएंगे।
प्रथम दिवस की कथा मे आचार्य बजरंग शास्त्री ने बताया की भागवत की कथा सहजता में मिलना बहुत कठिन है। जीव के जब बहुत जन्मों के पुण्य उदय होते है तब श्रीमदभागवत कथा की प्रप्ति होती है। भागवत की कथा धन्य है, जो कष्टों को दूर करने वाली है।
जो जीव श्रद्धा और विश्वास के साथ इस की कथा को श्रवण करता है। प्रभु उनकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते है और जीव परम पद को प्राप्त करता है।
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