Punjab Congress: राजा वड़िंग से छिनी प्रधानगी, विजय इंदर सिंगला बन सकते हैं नए अध्यक्ष
10 जनपथ पहुंचे राजा वड़िंग, राहुल गांधी के फोन के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
Amarinder Singh Raja Warring : पंजाब विधानसभा चुनाव से महज तीन महीने पहले सूबे की सियासत में बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस हाईकमान ने अंदरूनी कलह और गुटबाजी को खत्म करने के लिए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया है। इस बड़े फैसले के बाद शुक्रवार को लुधियाना से सांसद राजा वड़िंग सीधे नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पहुंचे और राहुल गांधी से मुलाकात की। 10 जनपथ के बाहर मीडिया से बात करते हुए वड़िंग मायूस दिखे और उन्होंने साफ कहा कि वे राहुल गांधी से अपने दिल की बात कहेंगे।
राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने प्रोफाइल में खुद को पूर्व प्रधान लिखकर बदलाव की पुष्टि कर दी है। हालांकि हाईकमान की ओर से औपचारिक ऐलान का इंतजार है। जालंधर, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा समेत पूरे पंजाब में इस बड़े राजनीतिक बदलाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में सरगर्मी तेज हो गई है।
10 जनपथ पर वड़िंग ने रखी बात
दिल्ली में राहुल गांधी के आवास 10 जनपथ पहुंचे अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मीडिया के सामने अपनी मायूसी छिपाने की कोशिश की। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे हमेशा खुश रहते हैं और बैठक खत्म होने के बाद ही आगे की स्थिति साफ करेंगे।
वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगना तय माना जा रहा है। राहुल गांधी और वड़िंग की इस बैठक के तुरंत बाद पार्टी नए अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा कर सकती है।
सिंगला रेस में सबसे आगे क्यों?
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में संगरूर से पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे चल रहा है। सिंगला के अलावा विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, विधायक परगट सिंह, सुख सरकारिया और अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला के नामों पर भी मंथन चल रहा है।
विजय इंदर सिंगला के नाम पर राहुल गांधी की सहमति की बड़ी वजह पार्टी का चुनावी समीकरण है। कांग्रेस नेतृत्व पंजाब और उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से पहले हिंदू मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए एक मजबूत हिंदू चेहरे पर दांव खेलना चाहता है।
पायलट की रिपोर्ट से हटाए गए वड़िंग
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने चंडीगढ़ में चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट के साथ बैठकें की थीं। दोनों गुटों के नेताओं ने पायलट के सामने स्पष्ट कर दिया था कि वे वड़िंग के नेतृत्व में आगे काम नहीं कर सकते।
चन्नी और रंधावा गुट ने आरोप लगाया कि बूथ कमेटियों की बैठकों के दौरान वड़िंग समर्थकों ने उन्हें पार्टी विरोधी और आरएसएस का एजेंट तक कहा था। जमीनी हकीकत परखने के बाद पायलट ने सभी जिला अध्यक्षों और युवा नेताओं को दिल्ली तलब करके फीडबैक लिया।
राहुल गांधी के फोन के बाद इस्तीफा
सचिन पायलट ने कांग्रेस हाईकमान को सौंपी अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा कि राजा वड़िंग के रहते पंजाब में गुटबाजी खत्म नहीं हो सकती। इसके लिए एक तटस्थ चेहरे को कमान सौंपना बेहद जरूरी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के सामने यह रिपोर्ट रखी गई। इसके बाद राहुल गांधी ने खुद राजा वड़िंग को फोन करके बताया कि पार्टी पंजाब में नया अध्यक्ष लाना चाहती है। फोन कॉल के तुरंत बाद राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर हाईकमान को पत्र भेज दिया।
