Haryana Milk Strike: हरियाणा में ‘दूध बंद’ का दूसरा दिन, सिरसा वीटा प्लांट पर किसानों का पक्का मोर्चा, 100 रुपये लीटर दूध की मांग
हरियाणा में 'दूध बंद' का दूसरा दिन, सिरसा वीटा प्लांट पर किसानों का पक्का मोर्चा, 100 रुपये लीटर दूध की मांग
Haryana Milk Strike: हरियाणा में दूध की कीमतों में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसानों और पशुपालकों द्वारा शुरू किया गया 3 दिवसीय ‘दूध बंद’ आंदोलन शुक्रवार को अपने दूसरे दिन में पहुंच गया। आंदोलन का सबसे ज्यादा असर सिरसा जिले में देखने को मिल रहा है, जहां उग्र किसानों ने सिरसा स्थित ‘वीटा मिल्क प्लांट’ के मुख्य गेट के बाहर पक्का धरना लगा दिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि वे प्लांट में दूध की एक भी गाढ़ी दाखिल नहीं होने देंगे।
माहौल को देखते हुए पुलिस-प्रशासन मुस्तैद है और अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की है, वहीं प्लांट प्रबंधन ने भी दूध लेकर आने-जाने वाले वाहनों की समय-सारणी में फेरबदल किया है।
₹80 और ₹100 प्रति लीटर रेट की मांग, ₹51 हजार जुर्माने की चेतावनी
आंदोलनकारी किसान संगठनों की मुख्य मांग है कि राज्य में गाय के दूध की कीमत ₹80 प्रति लीटर और भैंस के दूध की कीमत ₹100 प्रति लीटर तय की जाए। किसानों का दावा है कि बीते 50 सालों के इतिहास में पहली बार पशुपालकों को अपनी लागत निकालने के लिए इस तरह एकजुट होकर सड़कों पर उतरना पड़ा है।
इसके अलावा, किसानों ने पूरे हरियाणा में वीटा प्लांटों के फैट रेट में समानता लाने की भी मांग उठाई है। उनका आरोप है कि सिरसा में फैट का रेट अंबाला या अन्य जिलों की तुलना में कम दिया जाता है, जबकि बाजार में वीटा के उत्पाद एक ही कीमत पर बिकते हैं। आंदोलन को सख्ती से लागू करने के लिए गांवों में मंदिरों और गुरुद्वारों से मुनादी कराई जा रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान दूध बेचने वाले पर ₹51 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन भी जब्त किए जाएंगे।
दावों के बीच उलझी सप्लाई: कहां कितना पड़ा असर?
सिरसा वीटा प्लांट के सीईओ दिनेश मेहता के मुताबिक, सामान्य दिनों में प्लांट में 78 से 80 हजार लीटर दूध पहुंचता है, जबकि गुरुवार को लगभग 75 हजार लीटर दूध आया था। वहीं, किसान संगठनों का दावा है कि उनकी नाकेबंदी के चलते सप्लाई में 30 से 35 हजार लीटर की सीधी गिरावट आई है। शुक्रवार सुबह की सप्लाई भी धरने के कारण रोककर शाम को मंगाने की योजना बनाई गई है।
दूसरी तरफ, प्रदेश के अन्य हिस्सों में इस हड़ताल का खास असर नहीं दिख रहा है:
जींद: वीटा प्लांट के सीईओ नरेंद्र धानिया ने बताया कि उनके यहां रोजाना की तरह लगभग 1.36 लाख लीटर दूध की सप्लाई सुचारू रूप से आ रही है।
कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल बेल्ट में सेल्स मैनेजर देव त्यागी के अनुसार रोज की भांति 13-14 हजार लीटर दूध आ रहा है। पितृ पक्ष के कारण मामूली उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन हड़ताल का असर नगण्य है।
अंबाला: सेक्टर-9 वीटा बूथ हेड गुरप्रीत सिंह ने पुष्टि की कि बाजार में दूध की कोई कमी नहीं है और आम उपभोक्ताओं को सामान्य दरों पर पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है।
यह भी पढ़ें–Haryana Weather Update: हरियाणा में मानसून की विदाई, जानें 6 और 7 अक्टूबर को कहां होगी बारिश
