भीलवाड़ा में जमीनी विवाद ने लिया हिंसक रूप; फायरिंग के बाद 3 लोग डिटेन, 2 वाहन जब्त
भीलवाड़ा में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग
Bhilwara news: भीलवाड़ा के आरजिया इलाके के जाटों का खेड़ा गांव में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्ष पहले आमने-सामने आए और कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान एक पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने की बात सामने आई। गोली चलने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कथित तौर पर फायरिंग करने वालों को रोक लिया। सूचना मिलने के बाद मांडल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने तीन लोगों को डिटेन किया है और घटनास्थल से दो खाली खोल बरामद किए हैं।
मांडल थाना क्षेत्र के जाटों का खेड़ा गांव में जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। शनिवार को इसी जमीन को लेकर दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों तरफ से कहासुनी हुई, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। थानाधिकारी गजेंद्र सिंह नरूका के अनुसार, जमीन को लेकर चल रहे विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। इसी दौरान गोली चलने की घटना सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस बात को लेकर बढ़ा और फायरिंग की नौबत कैसे आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मांगीलाल जाट की जमीन के पास सोहन वैष्णव की ओर से फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और फायरिंग को लेकर सामने आए आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
फायरिंग के बाद गांव में मची अफरा-तफरी
गांव में गोली चलने की सूचना फैलते ही लोगों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने फायरिंग करने वालों को पकड़ने की कोशिश की। घटना की जानकारी पुलिस को मिलते ही मांडल थाने से एएसआई देवी लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। फायरिंग के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर निगरानी बढ़ा दी। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को डिटेन किया है। पुलिस के अनुसार, डिटेन किए गए लोगों में सोहन वैष्णव, उसका गनमैन और सोहन का बेटा मयंक शामिल है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और फायरिंग किसने की। पुलिस जमीन विवाद से जुड़े पुराने विवाद और शनिवार को हुए घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बना रही है। इसके अलावा डिटेन किए गए लोगों की भूमिका और मौके पर उनकी मौजूदगी को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मौके से दो खाली खोल और दो वाहन मिले
घटना की जांच के दौरान पुलिस को मौके से गोलियों के दो खाली खोल मिले हैं। इन खोलों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। खाली खोल मिलने से फायरिंग की सूचना की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिल सकता है। पुलिस ने घटनास्थल से दो वाहनों को भी जब्त किया है। अब इन वाहनों और मौके पर मौजूद लोगों के बीच संबंध की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय इन वाहनों का इस्तेमाल कौन कर रहा था और वे घटनास्थल पर क्यों मौजूद थे। फिलहाल पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल हथियार को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं रखी है। हथियार कहां से आया और फायरिंग किसने की, यह जांच का अहम हिस्सा है।
घटना के दौरान फायरिंग की बात सामने आने के बावजूद फिलहाल किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर घटना से जुड़े तथ्य जुटाए हैं। पुलिस अब दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है। इसके साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी। फायरिंग के आरोप की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आई जानकारी को आधार बनाएगी।
फायरिंग की घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच दोबारा विवाद की स्थिति न बने। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। तीन लोगों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है, जबकि मौके से मिले दो खाली खोल और दो वाहनों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद फायरिंग की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
