August 3, 2026

Fatehabad ACB Raid: रतिया एसडीएम कार्यालय में विजिलेंस का छापा, 2,500 की रिश्वत लेते जूनियर प्रोग्रामर गिरफ्तार

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Fatehabad ACB Raid: रतिया एसडीएम कार्यालय में विजिलेंस का छापा, 2,500 की रिश्वत लेते जूनियर प्रोग्रामर गिरफ्तार

हरियाणा में रिश्वतखोरों पर नकेल, एचकेआरएन कर्मचारी योगेंद्र सिंह रंगे हाथों काबू

Fatehabad ACB Raid: हरियाणा में सरकारी विभागों के भीतर बैठे काली कमाई के शौकीनों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा मामला फतेहाबाद के रतिया उपमंडल का है, जहां एसडीएम कार्यालय की साख पर उस वक्त बट्टा लगा जब वहां का एक कर्मचारी ही घूसखोरी के जाल में फंस गया। ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाकर जूनियर प्रोग्रामर योगेंद्र सिंह को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से इस पद पर सेवाएं दे रहा था।

ट्रैक्टर एजेंसी के सर्टिफिकेट रिन्यूअल के नाम पर मांगी थी घूस

मामले की परतें तब खुलीं जब रतिया स्थित ‘जॉन डीयर ट्रैक्टर एजेंसी’ के संचालक ने ब्यूरो को एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी एजेंसी के ट्रेड सर्टिफिकेट की अवधि समाप्त हो चुकी थी, जिसके नवीनीकरण के लिए उसने फाइल लगाई थी।

इस फाइल को आगे बढ़ाने और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर कार्यालय में तैनात जूनियर प्रोग्रामर योगेंद्र सिंह लगातार चक्कर कटवा रहा था और काम के बदले 2500 रुपये की सीधी मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, लिहाजा उसने सतर्कता विभाग से संपर्क साधा।

जाल बिछाकर किया काबू, नए कानून के तहत हुई कागजी कार्रवाई

टीम का एक्शन: शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एसवीएंडएसीबी (SV&ACB) की फतेहाबाद यूनिट ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया।

जैसे ही जूनियर प्रोग्रामर योगेंद्र सिंह ने केबिन के भीतर शिकायतकर्ता से 2500 रुपये की नकदी थामी, वैसे ही पहले से तैयार बैठी ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए।

इस पूरी कार्रवाई की खास बात यह रही कि इसमें नए कानूनी प्रावधानों का पूरा ध्यान रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की डिजिटल रिकॉर्डिंग (वीडियोग्राफी) कराई गई, ताकि अदालत में आरोपी को उसके किए की सख्त सजा दिलाई जा सके।

ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हिसार स्थित सतर्कता थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घूसखोरी के खेल में कार्यालय के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल थे।

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