September 16, 2026

Lucknow: चंपत राय पर फर्जी दस्तावेजों की मदद से राम निवास मंदिर पर कब्जा करने का आरोप

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Lucknow: चंपत राय पर फर्जी दस्तावेजों की मदद से राम निवास मंदिर पर कब्जा करने का आरोप

चंपत राय पर फर्जी दस्तावेजों का आरोप

Lucknow: अयोध्या में राम मंदिर परिसर के पास स्थित एक मंदिर के प्रमुख ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और उनके सहयोगियों पर फर्जी दस्तावेजों की मदद से उनके मंदिर पर कब्जा करने का बृहस्पतिवार को आरोप लगाया। खुद को रामकोट स्थित प्राचीन राम निवास मंदिर का पंच प्रमुख बताने वाले हरि शंकर सफारीवाला ने लखनऊ में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अधिकारियों के उनकी शिकायत पर ध्यान न देने का दावा भी किया। इस संवाददाता सम्मेलन को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी संबोधित किया। उन्होंने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने का आग्रह किया। सफारीवाला ने संवाददाताओं को बताया कि राम निवास मंदिर राम जन्मभूमि परिसर के ठीक बगल में स्थित है और इसका प्रबंधन एक पंच समिति करती है। उन्होंने कहा कि समिति ने मंदिर के कामकाज के लिए एक पुजारी नियुक्त किया है।

सफारीवाला ने मंदिर पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि “चंपत राय और उनके गिरोह” ने मंदिरों के बिक्री योग्य संपत्ति न होने के बावजूद संपत्ति समझौते की आड़ में जाली दस्तावेज तैयार कराए। उन्होंने कहा, “चंपत राय और उनके सहयोगियों ने 5.80 करोड़ रुपये का सौदा दिखाते हुए फर्जी कागजात तैयार कराए और हमारी ओर से नियुक्त पुजारी तथा उनके रिश्तेदारों को बैंक खातों के माध्यम से लगभग 60 लाख रुपये का भुगतान किया।” सफारीवाला ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति को करोड़ों रुपये की पेशकश करके परिसर छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “हमने (मंदिर समिति) उनसे (चंपत राय और उनके सहयोगी) कहा कि हममें से कोई भी मालिक नहीं है। यह एक पंचायती मंदिर है और इस पर समिति का अधिकार है। हम इसे बेच नहीं सकते।”

सफारीवाला ने आरोप लगाया कि मंदिर और उसके आसपास स्थित जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है और यह पिछले पांच वर्षों से प्रभावी रूप से कथित कब्जेदारों के नियंत्रण में है। सफारीवाला ने दावा किया कि संबंधित अवधि में श्रद्धालुओं ने दान और चढ़ावे के रूप में लाखों रुपये चढ़ाए थे। उन्होंने कहा कि समिति ने चढ़ावे का हिसाब मांगा था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सफारीवाला ने कहा, “हम व्यथित हैं। हमने अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया, लेकिन कोई भी हमारी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है। हमने अपनी शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है।” सफारीवाला के आरोपों के बाद अखिलेश ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करने का आग्रह किया। आरोपों पर चंपत राय या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। संवाददाता सम्मेलन में अयोध्या के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे भी मौजूद थे।

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