Narnaul : हरियाणा में गहराया सफाई संकट, 3 दिन का अल्टीमेटम पूरा होने के बाद सफाई कर्मचारियों ने 9 सितंबर तक बढ़ाई हड़ताल

नारनौल नगर परिषद् में धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी
Narnaul : हरियाणा भर में शहरी स्थानीय निकायों में सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। राज्य भर के सफाई कर्मचारियों द्वारा दी गई आज (6 सितंबर) तक की अल्टीमेटम अवधि पूरी होने के बाद भी सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है।
इसके विरोध में नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को तीन दिन और यानी 9 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद अब प्रदेशभर में कचरे के ढेर लगने और गंभीर सफाई संकट पैदा होने की पूरी आशंका बन गई है।
सरकार की नीयत में खोट: नरेश शास्त्री
दैनिक जगमार्ग से खास बातचीत करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार सिर्फ मौखिक आश्वासन दिए जाते हैं।
सरकार हर दिन यह दावा करती है कि उसने कर्मचारियों की 12 मांगें मान ली हैं, लेकिन आज तक इसका कोई आधिकारिक पत्र (लेटर) जारी नहीं किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की नीयत में खोट है।
नरेश शास्त्री ने याद दिलाया कि गत 13 मई 2026 को सरकार के साथ समझौता हुआ था, लेकिन सरकार आज तक उस समझौते को लागू करने का पत्र जारी करने से बच रही है। हमारी केवल एक ही प्रमुख मांग है कि सरकार 13 मई को हुए समझौते को पूरी तरह स्वीकार करे और उसका आधिकारिक पत्र तुरंत जारी करे।

एस्मा और गिरफ्तारियों से नहीं डरेगा कर्मचारी वर्ग
प्रदेश में सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई, धरने-प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तारियों और ‘एस्मा’ (ESMA) जैसे कड़े कानून लागू किए जाने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश शास्त्री ने दो टूक कहा कि कर्मचारी इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि एस्मा लगाने या न लगाने का फैसला सरकार का अपना है, लेकिन जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होते, सफाई कर्मचारी अपनी मांगों पर पूरी तरह अडिग रहेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार चाहती है कि हम जल्दबाजी में कोई गलत कदम उठाएं, लेकिन हम संयम के साथ अपनी लड़ाई लड़ेंगे।
नारनौल नगरपालिका संघ के प्रधान भूपेंद्र सारवान ने स्थानीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य कमेटी के निर्देशों के बाद नारनौल में भी हड़ताल को 3 दिन और बढ़ाते हुए 9 सितंबर तक धरना लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार 13 मई के समझौते को अमलीजामा नहीं पहनाती, तब तक ग्रामीण और शहरी अंचल में कर्मचारियों का रोष यूं ही बना रहेगा।

सीएम नें सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट
वहीं दूसरी तरफ सीएम नायब सैनी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये कहा कि – “जो हरियाणा को स्वच्छ रखने में जुटे हैं, उनके भविष्य को सुरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। नगर निकायों में कार्यरत 13,093 पालिका रोल सफाई कर्मचारियों को हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। इससे 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा, नियमित कर्मचारियों के लगभग समान लाभ और ₹2,000 मासिक जोखिम भत्ता मिलेगाइसके अतिरिक्त 15% अधिक मासिक राशि, वार्षिक महंगाई भत्ता, डेथ-कम-ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश तथा HKRNL के तहत एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता एवं नियुक्ति जैसी सुविधाएं मिलेंगी। 10 वर्षों से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों की मासिक देय राशि ₹25,560 होगी ।
हरियाणा को स्वच्छ रखने वाले इन कर्मठ साथियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”
