Bhiwani News: भिवानी में नगर परिषद कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, 5वें दिन भी जारी रही हड़ताल, मंत्रियों के फूंके पुतले

भिवानी में नगर परिषद कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, 5वें दिन भी जारी रही हड़ताल, मंत्रियों के फूंके पुतले
Bhiwani News: हरियाणा के भिवानी जिले में नगर परिषद और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल शुक्रवार को 5वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उग्र हुए कर्मचारियों ने भिवानी में प्रदेश सरकार के मंत्रियों—कृष्ण बेदी और विपुल गोयल—के पुतले फूंककर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का साफ कहना है कि यदि सरकार ने 13 मई को हुए समझौते के अनुसार जल्द परिपत्र (सर्कुलर) जारी नहीं किए, तो यह सांकेतिक प्रदर्शन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा खत्म करने की उठी मांग
प्रदर्शन स्थल पर सफाई कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव ने सरकार की मंशा पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “13 मई को हुई वार्ता में सरकार ने पे-रोल और ठेके पर लगे कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर पक्का करने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन अब सरकार अपने ही वादों से पीछे हट रही है।” दानव ने कहा कि ठेका प्रथा के जरिए कर्मचारियों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है। हड़ताल के चलते भिवानी, लोहारू समेत जिलेभर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली ऑटो-टीपर सेवाएं पूरी तरह ठप हैं, जिससे सड़कों पर गंदगी का अंबार लगने लगा है।
हरियाणा के भिवानी जिले में नगर परिषद और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल शुक्रवार को 5वें दिन में प्रवेश कर गई। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उग्र हुए कर्मचारियों ने भिवानी में प्रदेश सरकार के मंत्रियों—कृष्ण बेदी और विपुल गोयल—के पुतले फूंककर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का साफ कहना है कि यदि सरकार ने 13 मई को हुए समझौते के अनुसार जल्द परिपत्र (सर्कुलर) जारी नहीं किए, तो यह सांकेतिक प्रदर्शन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा खत्म करने की उठी मांग
प्रदर्शन स्थल पर सफाई कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव ने सरकार की मंशा पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “13 मई को हुई वार्ता में सरकार ने पे-रोल और ठेके पर लगे कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर पक्का करने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन अब सरकार अपने ही वादों से पीछे हट रही है।” दानव ने कहा कि ठेका प्रथा के जरिए कर्मचारियों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है। हड़ताल के चलते भिवानी, लोहारू समेत जिलेभर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली ऑटो-टीपर सेवाएं पूरी तरह ठप हैं, जिससे सड़कों पर गंदगी का अंबार लगने लगा है।
17 सूत्रीय मांगों पर अब तक कोई एक्शन नहीं, फायर कर्मियों का फूटा गुस्सा
फायर ब्रिगेड भिवानी के जिला प्रधान अजय श्योराण ने बताया कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बैठक में करीब 17 मांगों पर सहमति बनी थी और 30 जून तक इनके परिपत्र जारी करने का समय तय हुआ था। हालांकि, समयसीमा बीत जाने के बाद भी सरकार ने एक भी मांग का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। अजय श्योराण ने भावुक लहजे में कहा कि कर्तव्य पालन के दौरान जान गंवाने वाले फायर ब्रिगेड के दो दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि और सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल और बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
कर्मचारी नेताओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि वे किसानों, बिजली कर्मचारियों व अन्य जन आंदोलनों के साथ मिलकर अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे। उनका कहना है कि पुतला दहन केवल एक शुरुआती सांकेतिक विरोध था। यदि मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं निकाला, तो पूरे हरियाणा में सफाई और दमकल सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दी जाएंगी।
फायर ब्रिगेड भिवानी के जिला प्रधान अजय श्योराण ने बताया कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बैठक में करीब 17 मांगों पर सहमति बनी थी और 30 जून तक इनके परिपत्र जारी करने का समय तय हुआ था। हालांकि, समयसीमा बीत जाने के बाद भी सरकार ने एक भी मांग का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। अजय श्योराण ने भावुक लहजे में कहा कि कर्तव्य पालन के दौरान जान गंवाने वाले फायर ब्रिगेड के दो दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि और सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल और बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
कर्मचारी नेताओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि वे किसानों, बिजली कर्मचारियों व अन्य जन आंदोलनों के साथ मिलकर अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे। उनका कहना है कि पुतला दहन केवल एक शुरुआती सांकेतिक विरोध था। यदि मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं निकाला, तो पूरे हरियाणा में सफाई और दमकल सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दी जाएंगी।
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