Bihar NEET Protest: तेजस्वी यादव हिरासत में, नीट विरोधी प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ निकाल रहे थे मार्च

बिहार में NEET विरोधी मार्च के दौरान तेजस्वी यादव हिरासत में
Bihar NEET Protest: बिहार में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हालिया पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को यहां मार्च निकाल रहे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा के अनुसार यादव को आयकर चौराहे के पास से पुलिस वाहन में ले जाया गया। पुलिस वाहन में बैठाए जाने के दौरान यादव ने आरोप लगाया, ‘‘सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक हो रहे हैं।’’ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव के नेतृत्व में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिन में यहां जेपी गोलंबर से लोक भवन के लिए विरोध मार्च निकाला। मार्च के रास्ते में लगाए गए बैरिकेड को पार करने की कोशिश कर रहे राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछार भी की। इस दौरान यादव भी मौजूद थे।
राजद सांसद मनोज झा ने ‘पीटीआई-भाषा’ वीडियो से कहा, ‘‘जेन-जी की भावनाओं को समझना जरूरी है। बिहार में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ सरकार ने एके-47 राइफलों का इस्तेमाल किया और दिल्ली में ईमानदार एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग करने पर उनके खिलाफ पैलेट गन और कील लगे डंडों का इस्तेमाल किया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम यह मार्च इन सभी पहलुओं को बिहार के राज्यपाल के संज्ञान में लाने के लिए निकाल रहे हैं।’’ राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि प्रदर्शनकारी लोक भवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। राजद के मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दावा किया कि यह तेजस्वी यादव का ‘‘करियर बचाने’’ के लिए निकाला गया मार्च है। सरावगी ने आरोप लगाया, ‘‘वह छात्र, क्रिकेटर और राजनेता के रूप में विफल रहे हैं। अब वह ऐसे मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बिहार सरकार पहले ही सुलझा चुकी है।’’
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल को बिहार के राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी जाएगी। पच्चीस जुलाई की घटना के कुछ दिनों बाद आरक्षी को निलंबित कर दिया गया था, जबकि सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरन कुमार झा का 18 अगस्त को तबादला कर दिया गया। आज यहां मार्च शुरू होने से पहले जेपी गोलंबर से एक राजद समर्थक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सिर्फ तबादला क्यों? जिलाधिकारी और एसपी दोनों को निलंबित किया जाना चाहिए था।’’ तेजस्वी यादव ने एक दिन पहले लोक भवन मार्च के दौरान ‘‘अत्यधिक बल प्रयोग’’ की आशंका जताई थी। उन्होंने डाक बंगला चौराहे पर लगाए गए बैरिकेड को पार कर लिया, लेकिन पटना उच्च न्यायालय के समीप आयकर गोलंबर पर भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
पूर्व उपमुख्यमंत्री और उनके समर्थक तिरंगा लहराते हुए वहां डटे रहे। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं। प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोग एके-47 राइफल के प्रतिरूप भी लेकर चल रहे थे। पुलिस वाहन में बैठाए जाते समय तेजस्वी ने आरोप लगाया, ‘‘ये तरीके हमारे हौसले को नहीं तोड़ सकते। हम सरकार को समझने और विद्यार्थियों की आवाज सुनने के लिए मजबूर करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक हो रहे हैं।’’ इस बीच, पटना सदर की अनुमंडल अधिकारी (एसडीएम) कृतिका ने प्रदर्शनकारियों से मार्च के दौरान राष्ट्र ध्वज का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘यह देखा जा रहा है कि कई लोग राष्ट्र ध्वज को उल्टा पकड़े हुए हैं। राष्ट्रीय गौरव के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत तिरंगे का अनादर असंवैधानिक और दंडनीय है।’’
