September 18, 2026

Breaking: निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में लगाई फांसी; 2025 में सुप्रीम कोर्ट से हुआ था बरी

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Breaking: निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में लगाई फांसी; 2025 में सुप्रीम कोर्ट से हुआ था बरी

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में लगाई फांसी

Breaking: निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला इलाके की बताई जा रही है। कोली करीब 19 साल जेल में रहा था और नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े उसके आखिरी मामले में भी उसे बरी कर दिया था।

नोएडा के निठारी इलाके में 2005-06 के दौरान बच्चों और महिलाओं के गायब होने के मामले सामने आए थे। इन मामलों की जांच के दौरान 29 दिसंबर 2006 को सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी D-5 के पीछे नाले और आसपास के क्षेत्र से मानव खोपड़ियां, हड्डियां, कपड़े और अन्य सामान बरामद हुए थे।

 

 

कोठी के पीछे मिले थे मानव अवशेष

मानव अवशेष मिलने के बाद निठारी कांड ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले की जांच जनवरी 2007 में CBI को सौंप दी गई।

पुलिस ने गुमशुदगी और अपराध से जुड़े 19 अलग-अलग FIR दर्ज किए थे। इनमें से 16 मामलों में CBI ने चार्जशीट दाखिल की। जांच में कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

 

 

13 मामलों में सुनाई गई थी मौत की सजा

निठारी कांड से जुड़े मामलों में एक समय सुरेंद्र कोली को 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। लंबे समय तक वह जेल में रहा और अलग-अलग मामलों में अदालतों में सुनवाई चलती रही। बाद में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कई मामलों में उसके खिलाफ पहले दिए गए फैसले बदल गए। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े 12 मामलों में कोली को बरी कर दिया था।

नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े उसके आखिरी मामले में भी सुरेंद्र कोली को दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद करीब 19 साल जेल में रहने के बाद उसके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। अब हरिद्वार के भूपतवाला में उसकी मौत की खबर सामने आई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है और आत्महत्या से जुड़े परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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