चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का 7 साल बाद भारत दौरा, मोदी से बैठक में सीमा विवाद और व्यापार पर रहेगी नजर

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का 7 साल बाद भारत दौरा
BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। 2020 में गलवान झड़प के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। जिनपिंग नई दिल्ली में होने वाली BRICS समिट में शामिल होंगे और शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि गलवान के बाद दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय तक तनाव रहा है।
जिनपिंग और मोदी की बैठक शाम 6 से 7 बजे के बीच भारत मंडपम में होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं की बातचीत में सीमा पर स्थिति से लेकर कारोबार तक कई अहम मुद्दे सामने आ सकते हैं।
गलवान के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात
2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में बड़ा तनाव आया था। करीब चार साल तक LAC पर दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बना रहा और सीमा पर तैनाती बढ़ी रही।
अब दोनों देश LAC से लेकर व्यापार तक कई मुद्दों पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे समय में जिनपिंग का भारत आना और पीएम मोदी के साथ उनकी सीधी बैठक दोनों देशों के रिश्तों की अगली दिशा के लिहाज से अहम है।
सीमा विवाद और सैन्य संपर्क पर भी चर्चा
भारत और चीन सीमा विवाद को लेकर एक विशेषज्ञ समूह बनाने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा सीमा पर दो अतिरिक्त सैन्य संपर्क केंद्र और पूर्वी तथा मध्य सेक्टर में दो सैन्य हॉटलाइन बनाने पर भी सहमति बनी है।
इन फैसलों को अब दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिलनी है। ऐसे में मोदी-जिनपिंग बैठक में सीमा पर तनाव कम करने और सैन्य स्तर पर संवाद को मजबूत करने के उपायों पर भी नजर रहेगी।
चीन के साथ कारोबार भी बड़ा मुद्दा
भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंध भी बैठक का अहम हिस्सा हो सकते हैं। 2025-26 में भारत ने चीन से करीब 11.4 लाख करोड़ रुपये का सामान आयात किया। चीन से भारी आयात के चलते भारत का व्यापार घाटा 8.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।
व्यापार के ये आंकड़े भारत-चीन आर्थिक रिश्तों की बड़ी तस्वीर सामने रखते हैं। सीमा पर तनाव कम होने के साथ दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर भी आगे की रणनीति महत्वपूर्ण होगी।
मोदी-जिनपिंग के साथ पुतिन भी BRICS में होंगे
BRICS समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन करीब 10 साल बाद एक साथ नजर आएंगे। इससे पहले तीनों नेता 2016 में गोवा में आयोजित BRICS समिट में साथ शामिल हुए थे।
इस बार इन तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी पर भी नजर रहेगी। BRICS मंच पर भारत, चीन और रूस के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के बीच खास महत्व रखती है।
मोदी की कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई विदेशी नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ उनकी बैठक होगी। इसके बाद सुबह 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात होगी।
सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद और 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक निर्धारित है। शाम को भारत मंडपम में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय मुलाकात होने की उम्मीद है।
वियतनाम के पीएम से पहले ही हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
अब शनिवार को होने वाली बैठकों में भारत के अलग-अलग देशों के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने पर बातचीत होगी। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली बैठक सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है, क्योंकि यह गलवान झड़प के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात होगी।
