Faridabad News: फिजाओं में घुल रहे जहर और लगातार गिरते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को नियंत्रित करने के लिए फरीदाबाद परिवहन विभाग ने अब कमर कस ली है। शहर में ग्रेप-1 के प्रावधानों को सख्ती से अमलीजामा पहनाने के लिए आरटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारी) मुनीष सहगल ने अपनी विशेष टीमों के साथ शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों और प्रदूषण जांच केंद्रों पर औचक दबिश दी।
इस दौरान जांच में कई सेंटरों पर भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद फौरન कार्रवाई करते हुए 16 प्रदूषण जांच केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। विभाग के इस कड़े रुख से शहर के अन्य संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।
पेट्रोल पंप संचालकों को दो टूक: बिना वैध पीयूसी नहीं मिलेगा ईंधन
निरीक्षण के दौरान आरटीए मुनीष सहगल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है जो पेट्रोल पंपों की कार्यप्रणाली पर पैनी नजर रख रही हैं।
पंप संचालकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां आने वाले हर वाहन में पेट्रोल या डीजल डालने से पहले उसका वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUCC) जरूर जांचें। यदि किसी वाहन के पास वैध पीयूसी नहीं पाया जाता है, तो उसे ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी। यह नियम प्रदूषण फैलाने वाले पुराने और अनफिट वाहनों पर लगाम लगाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
बिना जांच प्रमाण-पत्र बांटने वालों पर गिरेगी गाज
जांच अभियान के दौरान आरटीए ने प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे
कागजी खानापूर्ति करने से बाज आएं। उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों की वास्तविक जांच निर्धारित तकनीकी मानकों के आधार पर ही की जानी चाहिए। बिना गाड़ी की भौतिक जांच किए मनमाने तरीके से पीयूसी जारी करने वाले सेंटरों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में यदि किसी केंद्र पर इस तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पकड़ा जाता है, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेप-1 के तहत बढ़ाई गई निगरानी, प्रशासन मुस्तैद
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लगातार खराब होती हवा को देखते हुए CAQM ने ग्रेप का पहला चरण लागू किया था। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की धरपकड़, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार एक्शन मोड में है। फरीदाबाद प्रशासन की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि सर्दियों के मौसम से पहले हवा के स्तर को सुधारा जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ा संदेश दिया जा सके।

