Chandigarh AAP Protest: चंडीगढ़ में मंगलवार की तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और यातायात की परेशानी सामने आई। इसके बाद नगर निगम की जनरल हाउस बैठक से पहले आम आदमी पार्टी ने निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर बारिश से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठाए। AAP नेताओं ने पूछा कि बारिश के दौरान शहर में पानी भरने के बाद निगम की मशीनरी, अधिकारी और कर्मचारी कहां थे, जबकि सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे किए जाते हैं। प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इसी बीच सेक्टर-17 स्थित नगर निगम में जनरल हाउस की बैठक हुई, जिसमें शहर से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में 227 करोड़ रुपये के एजेंडे को लेकर मेयर सौरभ जोशी ने भी जवाब दिया।
227 करोड़ के टेबल एजेंडे पर सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी
बैठक से पहले टेबल एजेंडे का मुद्दा AAP और कांग्रेस पार्षदों के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ था। विपक्षी पार्षदों ने सवाल उठाया कि 227 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को विस्तृत चर्चा के बिना सदन में क्यों लाया गया और इसे पास करने की जल्दबाजी क्यों की गई। विपक्ष की ओर से यह सवाल भी उठाया गया कि बिना चर्चा पास किए गए टेबल एजेंडे को सदन की बैठक के मिनट्स में पास क्यों दिखाया गया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन में तीखी बहस की स्थिति बनी।
भाजपा ने लिया यू-टर्न, दोबारा सदन में आएंगे एजेंडे
टेबल एजेंडे को लेकर विरोध बढ़ने के बाद भाजपा ने बुधवार को अपने कार्यालय कमलम में कोर ग्रुप की बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, अरुण सूद और मेयर सौरभ जोशी समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि 31 जुलाई को बिना चर्चा पास किए गए टेबल एजेंडे को दोबारा सदन में लाया जाएगा। मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि अब किसी भी एजेंडे पर बिना चर्चा के फैसला नहीं होगा। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए हर प्रस्ताव पर सदन में खुली चर्चा को जरूरी बताया।
बारिश के जलभराव पर भी निगम से सवाल
मंगलवार की तेज बारिश के बाद चंडीगढ़ के कई हिस्सों में सड़कें पानी से भर गई थीं। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई और कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। AAP और कांग्रेस के पार्षदों ने इस मुद्दे को भी निगम के सामने उठाने की तैयारी की। विपक्षी पार्षदों की ओर से नालों की सफाई, बरसाती पानी की निकासी और जलभराव के स्थायी समाधान को लेकर सवाल किए जाने की संभावना रही। यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि बारिश के दौरान जलभराव सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को प्रभावित करता है। कार्यालय, बाजार और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने वाले लोगों को सड़क पर पानी भरने और यातायात धीमा होने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
13 गांवों की सफाई का ठेका बढ़ाने का प्रस्ताव
जनरल हाउस की बैठक में मनीमाजरा समेत 13 गांवों की सफाई का ठेका बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस प्रस्ताव पर पार्षदों की ओर से सफाई व्यवस्था और ठेके की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाए जा सकते हैं। शहर में बारिश के बाद सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी जलभराव से जुड़ जाता है। नालियों और बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था में गंदगी या रुकावट होने पर कम समय की तेज बारिश में भी सड़कों पर पानी जमा हो सकता है।
मीट की दुकानों के लिए नए नियमों पर चर्चा
बैठक में शहर में मीट की दुकानों के संचालन के लिए नए नियम लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके तहत दुकानों के संचालन और निर्धारित नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाने पर चर्चा होनी है। इस तरह नगर निगम की बैठक में 227 करोड़ रुपये के टेबल एजेंडे से लेकर जलभराव, सफाई व्यवस्था, 13 गांवों की सफाई और मीट की दुकानों के नियम तक कई मुद्दे चर्चा में रहे। विपक्ष के तेवर और बारिश के बाद बने हालात को देखते हुए बैठक में राजनीतिक बहस का माहौल बना रहा।

