Hisar News: गेंद निकालने के चक्कर में फिसला पांव, हिसार में सोनाली फोगाट के फार्म हाउस में बच्ची की दर्दनाक मौत

गेंद निकालने के चक्कर में फिसला पांव
Hisar News: हिसार में सिरसा रोड पर ढंडूर गांव के पास स्थित दिवंगत भाजपा नेता सोनाली फोगाट का फार्म हाउस एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह बेहद गमगीन करने वाली है। मंगलवार देर शाम फार्म हाउस के भीतर काफी समय से बंद पड़े स्विमिंग पूल में डूबने से 9 साल की मासूम बच्ची रागनी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका का परिवार महज 12 दिन पहले ही रोजी-रोटी की तलाश में उत्तर प्रदेश से यहां काम करने पहुंचा था। इस असमय हादसे के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के गांव जमालपुर के रहने वाले प्रताप भान सिंह ने बताया कि वह 12 दिन पहले ही अपने परिवार—दो बेटियों और एक बेटे के साथ सोनाली फोगाट के फार्म हाउस पर काम की तलाश में आए थे। उन्हें यहां वाहनों की पार्किंग की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी और पूरा परिवार फार्म हाउस परिसर के बने कमरों में ही रह रहा था। मंगलवार शाम को सब कुछ सामान्य था और बच्चे पास ही खेल रहे थे।
गेंद निकालने के चक्कर में फिसला पांव, 10 फीट गहरे गंदे पानी में समाई मासूम
प्रताप भान के मुताबिक, शाम के वक्त उनकी 9 वर्षीय बेटी रागनी अपनी छोटी बहन शशि के साथ फार्म हाउस परिसर में खेल रही थी। खेलते-खेलते बच्चों की गेंद पास ही बने एक पुराने स्विमिंग पूल के अंदर चली गई। यह स्विमिंग पूल काफी समय से रखरखाव के अभाव में बंद पड़ा था और उसमें करीब 10 फीट गहरा गंदा पानी भरा हुआ था। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से पूल के ऊपर लोहे की जाली लगाई गई थी, लेकिन गेंद जाली के बीच बने एक छेद के जरिए पानी में जा गिरी।
गेंद को निकालने की लालच में मासूम रागनी ने वहां रखे लकड़ी के फट्टे को हटाने की कोशिश की। इसी आपाधापी में अचानक उसका पांव फिसल गया और वह सीधे 10 फीट गहरे पानी में जा गिरी। पास खेल रही छोटी बहन शशि ने जब रागनी को पानी में डूबते देखा, तो वह बदहवास हालत में दौड़ती हुई परिजनों के पास पहुंची और करीब साढ़े छह बजे घर वालों को पूरी बात बताई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें
बच्ची के डूबने की खबर मिलते ही प्रताप भान और आसपास मौजूद लोग भागकर स्विमिंग पूल के पास पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद रागनी को मटमैले पानी से बाहर निकाला गया और तुरंत निजी वाहन से हिसार के नागरिक अस्पताल (सिविल अस्पताल) की इमरजेंसी में ले जाया गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची की नब्ज टटोलने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया हादसे की कार्रवाई अमल में लाई।
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