Common Infrastructure Bill: पंजाब विधानसभा में कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर बिल सर्वसम्मति से पास, फीस बढ़ोतरी पर 5% कैप का प्रस्ताव

पंजाब विधानसभा में कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर बिल सर्वसम्मति से पास
Common Infrastructure Bill: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कार्यवाही आगे बढ़ाने की मांग की और कहा कि सदन में 9 बिल पेश किए जाने हैं। इसी दौरान उन्होंने सरकार पर तंज भी कसा और कहा कि आज सदन के साथ भी वही होने वाला है, जो पिछले दिनों जत्थेदार साहब ने उनके और सरकार के साथ किया था।
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भी सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ बिल पहले ही सदन में आ चुके हैं और फीस से जुड़े बिल को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार नहीं दिख रही, हालांकि उन्होंने फीस बढ़ोतरी की सीमा 8% से घटाकर 5% करने के प्रयास की सराहना की।
कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर बिल सर्वसम्मति से पास
सदन में पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 बिना बहस के पास हो गया। डिप्टी स्पीकर ने सदस्यों से पूछा कि क्या कोई विधायक बिल पर बोलना चाहता है, लेकिन कोई सदस्य चर्चा के लिए खड़ा नहीं हुआ। इसके बाद बिल को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। किसी विधायक ने इस पर आपत्ति नहीं जताई और विपक्ष की ओर से भी बहस नहीं की गई।
प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर 5% की सीमा
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। प्रस्तावित प्रावधान के तहत निजी शिक्षण संस्थान एक साल में अधिकतम 5% तक फीस बढ़ा सकेंगे। फीस में बढ़ोतरी करने के लिए संस्थान को अभिभावकों को कम से कम 90 दिन पहले नोटिस देना होगा। इसके साथ ही फीस बढ़ाने से जुड़ी पूरी जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने इस प्रावधान पर सरकार से सवाल किए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए फीस कैपिंग को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि सरकार को इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बाजवा ने सरकारी नौकरियों में दूसरे राज्यों के युवाओं का मुद्दा उठाया
सदन में सरकारी भर्ती को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में हरियाणा और राजस्थान के युवाओं का चयन हो रहा है। इस पर सेहत मंत्री की ओर से जवाब दिया गया कि भर्ती नियमों के मुताबिक की जाती है। सदन में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिली। यह मुद्दा पंजाब में सरकारी नौकरियों में भर्ती की पात्रता और राज्य के युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग से जुड़ा है। विपक्ष लगातार सरकार से भर्ती प्रक्रिया और चयन के नियमों को लेकर जवाब मांगता रहा है।
इंद्र कौर मान ने मणिपुर के मुद्दे पर PM मोदी को घेरा
AAP विधायक इंद्र कौर मान ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मणिपुर के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगली बार पंजाब आने से पहले प्रधानमंत्री पंजाब के लोगों के सवालों के जवाब लेकर आएं। इंद्र कौर मान ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस समय प्रधानमंत्री क्यों नहीं बोले और महिलाओं के सम्मान के लिए उनके पक्ष में क्यों नहीं खड़े हुए। उन्होंने मणिपुर को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने अकाली दल पर भी निशाना साधा और कहा कि पंजाब में ऐसी राजनीति नहीं चलेगी, जिसमें एक तरफ धार्मिक बातों की चर्चा हो और दूसरी तरफ मनुस्मृति की राजनीति की जाए।
BJP से गठबंधन के सवाल पर गनीव कौर का जवाब
अकाली दल की विधायक गनीव कौर ने SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद BJP के साथ संभावित गठबंधन को लेकर प्रतिक्रिया दी। गनीव कौर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह भलाई के लिए होगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह अच्छा ही होगा, लेकिन उन्हें मुलाकात में क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी नहीं है, इसलिए वह इस पर टिप्पणी नहीं कर सकतीं।सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में बिलों पर चर्चा के साथ राजनीतिक मुद्दे भी हावी रहे। फीस नियंत्रण, सरकारी भर्ती, मणिपुर और अकाली दल-BJP संबंधों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली।
