Independence Day: सिर्फ भारत ही नहीं! दुनिया के ये 5 देश भी 15 अगस्त को मनाते हैं आजादी का जश्न, जानें दिलचस्प इतिहास

सिर्फ भारत ही नहीं! दुनिया के ये 5 देश भी 15 अगस्त को मनाते हैं आजादी का जश्न, जानें दिलचस्प इतिहास
Independence Day: 15 अगस्त का नाम जेहन में आते ही हर भारतीय के दिल में देशभक्ति का जज्बा हिलोरे लेने लगता है। लाल किले की प्राचीर, लहराता तिरंगा, राष्ट्रगान की गूंज और आजादी का जश्न—यह तारीख भारत के इतिहास का सबसे स्वर्णिम पन्ना है। 15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश हुकूमत की करीब दो सदियों पुरानी गुलामी की जंजीरें तोड़ी थीं। लेकिन इतिहास के पन्नों को अगर दुनिया के नक्शे पर पलटकर देखें, तो पता चलता है कि 15 अगस्त की यह तारीख सिर्फ भारत के लिए ही खास नहीं है, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के इतिहास में भी यह आजादी और बड़े सियासी बदलावों की प्रतीक रही है।
कोरियाई प्रायद्वीप: जापानी शासन से मुक्ति का ‘प्रकाश पर्व’
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया, जो आज भले ही एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हों, लेकिन 15 अगस्त की तारीख दोनों के लिए एक समान ऐतिहासिक महत्व रखती है। 15 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में जापान के आत्मसमर्पण के साथ ही कोरियाई प्रायद्वीप को 35 साल लंबे क्रूर जापानी औपनिवेशिक शासन से मुक्ति मिली थी। दक्षिण कोरिया में इस दिन को ‘गवांगबोकजियोल’ यानी ‘प्रकाश की वापसी का दिन’ कहा जाता है। दोनों ही देश इस तारीख को अपने राष्ट्रीय इतिहास के सबसे बड़े दिन के रूप में मनाते हैं।
कांगो गणराज्य: फ्रांसीसी गुलामी से मिली थी आजादी
मध्य अफ्रीका के देश ‘कांगो गणराज्य’ (Republic of the Congo) के लिए भी 15 अगस्त की सुबह नई उम्मीदें लेकर आई थी। 15 अगस्त 1960 को इस देश ने फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन से पूर्ण स्वतंत्रता हासिल की थी। तब से हर साल 15 अगस्त को यहां कांगो का राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। (ध्यान रहे कि यह ‘डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो’ से अलग देश है)। इस दिन पूरा देश अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय पहचान का जश्न मनाता है।
लिकटेंस्टीन और बहरीन: शाही परंपराएं और औपनिवेशिक अंत
यूरोप के बेहद खूबसूरत और छोटे से देश ‘लिकटेंस्टीन’ में 15 अगस्त को नेशनल डे के रूप में मनाया जाता है। इसका इतिहास 1866 से जुड़ा है, जब जर्मन परिसंघ के विघटन के बाद लिकटेंस्टीन एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा। इस दिन की एक दिलचस्प परंपरा यह है कि आम नागरिकों को शाही परिवार के राजप्रासाद (महल) में आमंत्रित किया जाता है, जहां वे राजपरिवार के सदस्यों से सीधा संवाद करते हैं। वहीं, खाड़ी देश बहरीन का संबंध भी 15 अगस्त से है—15 अगस्त 1971 को ही बहरीन से ब्रिटिश औपनिवेशिक संधि खत्म हुई थी। हालांकि, बहरीन अपना आधिकारिक राष्ट्रीय दिवस 15 अगस्त के बजाय 16 दिसंबर को मनाता है।
एक तारीख, अनगिनत कहानियां
महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल जैसे महान योद्धाओं के त्याग से मिली भारत की आजादी का दर्द विभाजन की टीस के साथ भी आया था। इसलिए भारत के लिए 15 अगस्त सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि उन कुर्बानियों को याद करने का दिन भी है। कैलेंडर की एक सामान्य सी दिखने वाली तारीख ’15 अगस्त’ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आजादी, संघर्ष और अपनी मिट्टी के प्रति स्वाभिमान की अलग-अलग दास्तान बयां करती है।
