Dharmendra Pradhan statement: इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का बयान, बोले – जेन-जी को भटकाने की कोशिश हुई
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का बयान
Dharmendra Pradhan statement: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान दिया। शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि जेन-जी को कुछ लोगों ने भटकाने की कोशिश की, लेकिन नई पीढ़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रधान ने कहा, ‘जेन-जी हमारे ही बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें भटकाने की कोशिश की। मैंने पीएम मोदी से बातचीत करने के बाद ही पद छोड़ा।’ उन्होंने कहा कि युवाओं की आकांक्षाएं और उनके संकल्प बहुत बड़े हैं। ऐसे में उनके सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां छोटी हैं और उनके लिए पद जरूरी नहीं था।
‘नई पीढ़ी का विरोध नहीं, उसे समझना जरूरी’
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जेन-जी की जिद से उन्हें परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उसे समझने की जरूरत है। प्रधान ने भारत की युवा आबादी का जिक्र करते हुए कहा, ‘भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 साल में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनके सपने हैं। वे भारत को विश्व गुरु बनाएंगे।’ उन्होंने युवाओं की भूमिका को इतिहास से जोड़ते हुए कहा, ‘इतिहास में युवाओं ने ही बदलाव का नेतृत्व किया और बलिदान दिया है। वे अपने समय के जेन जी थे।’
PM मोदी से मुलाकात और फिर इस्तीफा
प्रधान ने अपने इस्तीफे की प्रक्रिया को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने के लिए उनकी मंजूरी मांगी। प्रधान के मुताबिक, प्रधानमंत्री इस पर सहमत हुए और बाद में युवाओं से बातचीत भी की। इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब NEET पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्रालय को लेकर राजनीतिक दबाव बना हुआ था। मूल जानकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के 35 दिन बाद प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
BJD कार्यकर्ताओं की नारेबाजी पर भी बोले
भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम के दौरान बीजू जनता दल के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। प्रधान ने कहा कि वह BJD कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन और नारेबाजी से परेशान नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं किसान का बेटा हूं। आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी मैं वापस आऊंगा।’
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए प्रधान ने अपने राजनीतिक जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों का सिर कभी शर्म से नहीं झुकने दिया। जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक मुझ पर जताए गए भरोसे को नहीं तोड़ूंगा और ऐसा कोई काम नहीं करूंगा, जिससे ओडिशा के गौरव और स्वाभिमान को ठेस पहुंचे।’
मोदी सरकार में अब तक 4 पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री
2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्र में अब तक चार पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री रहे हैं। इनमें स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रधान का यह बयान उनके मंत्री पद छोड़ने के बाद उनकी पहली विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है।
