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E-Rickshaw BAT-BMS App: सोशल मीडिया पर वायरल संदेश से बढ़ी ई-रिक्शा चालकों की टेंशन, जानिए क्या है ब्लूटूथ बैटरी का सच

E-Rickshaw BAT-BMS App: सोशल मीडिया पर वायरल संदेश से बढ़ी ई-रिक्शा चालकों की टेंशन, जानिए क्या है ब्लूटूथ बैटरी का सच

क्या मोबाइल ऐप से सच में बंद हो रहे हैं चलते ई-रिक्शा? जानिए इस वायरल दावे के पीछे का पूरा सच

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AAmandeep Singh

E-Rickshaw BAT-BMS App: आजकल व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक अजीबोगरीब मैसेज तैर रहा है, जिसने ई-रिक्शा चालकों और आम जनता के बीच थोड़ी चिंता और उत्सुकता दोनों पैदा कर दी है। दावे के मुताबिक, कोई भी शरारती तत्व अपने मोबाइल में एक साधारण ऐप डाउनलोड कर सड़क पर चलते हुए किसी भी ई-रिक्शा को एक झटके में बंद कर सकता है।

इस वायरल दावे के पीछे ‘BAT-BMS’ (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) नाम के एक कस्टमाइजेशन एप्लिकेशन का हवाला दिया जा रहा है। लेकिन एक जिम्मेदार पत्रकारिता के नाते जब हमने इसकी तकनीकी परतों को खंगाला, तो कहानी कुछ और ही निकलकर सामने आई। यह कहना कतई सही नहीं है कि कोई भी राह चलता इंसान आपके ई-रिक्शा को रिमोटली बंद कर देगा, क्योंकि यह पूरी तरह एक भ्रामक और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया दावा है।

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आखिर क्या है इस दावे का तकनीकी गणित?

दरअसल, यह पूरा मामला ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन या स्मार्ट बैटरियों के तकनीकी ढांचे से जुड़ा है। कुछ आधुनिक ई-रिक्शा बैटरियों की मॉनिटरिंग, वोल्टेज चेक करने और सेटिंग्स को दुरुस्त करने के लिए ब्लूटूथ आधारित BMS लगाया जाता है। इसे ऑपरेट करने के लिए संबंधित कंपनियां ‘BAT-BMS’ जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करती हैं।

अब पेंच यहां फंसता है कि यदि किसी बैटरी निर्माता कंपनी ने अपने ब्लूटूथ नेटवर्क में कोई सुरक्षा लेयर (जैसे पासवर्ड, पिन या सुरक्षित पेयरिंग कोड) नहीं दी है, तो रेंज के भीतर मौजूद कोई दूसरा स्मार्टफोन उससे कनेक्ट होने की कोशिश जरूर कर सकता है। लेकिन यह किसी भी गाड़ी के साथ तभी हो सकता है जब उसमें सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई हो।

इन तीन पैमानों पर टिकी है आपके ई-रिक्शा की सुरक्षा

कोई भी ऐप आपके ई-रिक्शा की बैटरी को तभी प्रभावित कर सकता है, जब वह निम्नलिखित सुरक्षा घेरों को भेदने में कामयाब हो:

ब्लूटूथ पेयरिंग सिक्योरिटी: क्या बैटरी का ब्लूटूथ सिग्नल बिना किसी पिन या ऑथेंटिकेशन के हर किसी के लिए खुला है?

एडमिन एक्सेस: क्या ऐप को बैटरी की सेटिंग्स बदलने के लिए किसी मास्टर पासवर्ड की जरूरत होती है या नहीं?

मैन्युफैक्चरर फीचर्स: संबंधित बैटरी निर्माता कंपनी ने सॉफ्टवेयर के स्तर पर उसमें कौन-से इन-बिल्ट सुरक्षा फीचर्स दिए हैं।

सभी ई-रिक्शा पर लागू नहीं होता यह नियम, छेड़छाड़ करने पर होगी जेल

सड़क पर दौड़ने वाले सभी ई-रिक्शा पर यह बात कतई लागू नहीं होती है, क्योंकि अधिकांश स्थापित और ब्रांडेड कंपनियां अपनी बैटरियों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करती हैं। यदि किसी स्थानीय या घटिया दर्जे के BMS में सुरक्षा की ऐसी कमी पाई भी जाती है, तो उसका फायदा उठाना बेहद मुश्किल है।

इसके बावजूद, अगर कोई शख्स मजे लेने या किसी को परेशान करने के इरादे से चलते ई-रिक्शा के साथ इस तरह की छेड़छाड़ करता पाया जाता है, तो यह पूरी तरह गैरकानूनी कृत्य की श्रेणी में आता है। इससे न सिर्फ चालक बल्कि सवारी की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। ऐसे मामलों में प्रभावित चालकों को तुरंत पुलिस और बैटरी निर्माता कंपनी से संपर्क कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि कंपनी तुरंत नया सुरक्षा अपडेट जारी कर सके।

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