Jind Ashram Sadhvi Attack Case: जींद जिले के भाणा ब्राह्मणन गांव में स्थित 108 शिवलिंग नर्मदेश्वर महादेव मंदिर और कंचननाथ गौशाला परिसर शुक्रवार सुबह चीखों से दहल उठा। डेरे की वरिष्ठ साध्वी राजनाथ पर किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि वहीं रहने वाले एक सेवादार ने जानलेवा हमला कर दिया।
आरोपी सेवादार मध्य प्रदेश के उज्जैन का रहने वाला राहुल है, जो वारदात को अंजाम देने के बाद डेरे से करीब 7 लाख रुपये कैश, ब्रेजा कार, सोने-चांदी के गहने और कीमती बर्तन बटोरकर रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
मिस्त्री पहुंचा तो फैली सनसनी, गंभीर हालत में अग्रोहा से निजी अस्पताल रेफर
घटना शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे की है। उस वक्त महंत योगी आजाद नाथ, योगिराज नाथ और अन्य सेवादार किसी सिलसिले में बाहर गए हुए थे और साध्वी राजनाथ डेरे में अकेली थीं। इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर राहुल ने उन पर हमला कर दिया। जब डेरे में चल रहे निर्माण कार्य के लिए मिस्त्री गोविंदा वहां पहुंचा, तो उसके होश उड़ गए।
साध्वी कमरे में खून से लथपथ पड़ी हुई थीं। मिस्त्री के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण और सेवादार पहुंचे। आनन-फानन में साध्वी को नरवाना के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
हफ्ते भर पहले ही लौटा था आरोपी, अलमारी के ताले तोड़कर साफ किया हाथ
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी राहुल कोई नया चेहरा नहीं था। वह पहले भी करीब दो महीने तक इस डेरे में सेवादार के रूप में रह चुका था। करीब एक सप्ताह पहले ही वह दोबारा सेवा करने के उद्देश्य से डेरे में लौटा था।
किसी को भनक तक नहीं थी कि वह सेवा के बहाने इतनी बड़ी डकैती की साजिश रच रहा है। साध्वी कंचननाथ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि घटना के बाद पूरा कमरा खून से सना हुआ था और अलमारी खुली पड़ी थी। आरोपी ने अलमारी में रखे 7 लाख रुपये कैश और कीमती जेवरात समेटे और बाहर खड़ी ब्रेजा कार में सवार होकर चंपत हो गया।
चर्चाओं में रही हैं बाल साध्वी कंचननाथ, 5 साल पहले दान की जमीन पर बना था डेरा
भाणा ब्राह्मणन गांव के खेतों में इस मंदिर और डेरे की नींव करीब 5 साल पहले गांव के ही एक ग्रामीण द्वारा दान की गई एक बीघा जमीन पर रखी गई थी। वर्तमान में यहां महंत राजनाथ के साथ उनकी उत्तराधिकारी कंचननाथ समेत 17 शिष्य रहते हैं।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में जन्मी साध्वी कंचननाथ बचपन में ही अनाथ हो गई थीं, जिसके बाद 5 साल की उम्र में परिजनों ने उन्हें नाथ संप्रदाय को सौंप दिया था। भीषण गर्मी में 11 अग्निकुंडों के बीच तपस्या करने को लेकर वह सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रही हैं। हालांकि, अतीत में डेरे के चंदे को लेकर उन पर कुछ आरोप भी लगे थे, जिन्हें वे हमेशा खारिज करती रही हैं।
नरवाना पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश में बिछाया जाल
वारदात के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है। सदर थाना नरवाना के प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि साध्वी कंचननाथ की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी राहुल के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपी की संभावित ठिकानों और उज्जैन तक सुराग लगाने में जुट गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया जा रहा है।
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