Surajkund Mela: हस्तशिल्प और लोक कलाओं के अनूठे संगम सूरजकुंड मेले में इस बार दिवाली के अवसर पर कुछ ऐसा देखने को मिल रहा है, जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। मेले के शिल्पकारों के बीच प्रतापगढ़ के रहने वाले चंद्रभान पांडे का स्टॉल इन दिनों कला प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है।
साधारण सी दिखने वाली सिल्वर फॉयल पर जब चंद्रभान अपनी उंगलियों का जादू चलाते हैं, तो वह किसी कीमती कलाकृति में बदल जाती है। उनकी इस कला की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें किसी भी आधुनिक मशीन का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि पूरी मेहनत और शिद्दत हाथों की कारीगरी से की जाती है।
नौकरी के दिनों में जगी ललक, आज बन गए हुनर के धनी
चंद्रभान पांडे का इस मुकाम तक पहुंचने का सफर प्रेरणादायक रहा है। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में वे नौकरी करते थे, लेकिन उसी दौरान उनके भीतर इस फॉयल आर्ट को सीखने की इच्छा जागी। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ा तो शौक पेशे में बदल गया। आज वे प्रतापगढ़ में रहकर इस कला को जिंदा रखे हुए हैं और इसके जरिए आसपास के 30 से 35 लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं। एक साधारण शुरुआत कैसे आत्मनिर्भरता की मिसाल बन सकती है, चंद्रभान का यह सफर इसकी बेहतरीन बानगी पेश करता है।
इस अनूठी कला के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें वही सिल्वर फॉयल काम में लाई जाती है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर घरों की रसोइयों में खाद्य सामग्री पैक करने के लिए किया जाता है। इस लचीली और नाजुक पन्नी को विशेष तकनीकों और हाथों की नजाकत से अलग-अलग आकारों में ढाला जाता है। काम इतना बारीक और धैर्य का होता है कि जरा सी चूक पूरी पेंटिंग की खूबसूरती बिगाड़ सकती है। यही वजह है कि एक अदद पेंटिंग को मुकम्मल होने में तीन से सात दिन तक का वक्त लग जाता है।
मेलों का मंच और कला का सफर
चंद्रभान की इन पेंटिंग की शुरुआती कीमत 350 रुपये से है, ताकि आम से लेकर खास हर बजट का दर्शक इसे अपने घर की दीवारों की शोभा बढ़ाने के लिए खरीद सके। उनकी इस मेहनत और लगन को अब बड़े स्तर पर पहचान भी मिलने लगी है।
ग्रामीण उद्योग क्षेत्र में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान का पुरस्कार मिल चुका है, साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार भी उन्हें कई मौकों पर सम्मानित कर चुकी है। सूरजकुंड मेले के अनुभव को साझा करते हुए वे कहते हैं कि ऐसे सरकारी आयोजन छोटे कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सीधे खरीदारों से जुड़ने का बेहतरीन अवसर देते हैं। मेले में मिल रही सराहना उनके हौसलों को और ज्यादा बुलंद कर रही है।
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