Faridkot Crime : पंजाब के फरीदकोट में हैवानियत और कानून को ताक पर रखने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। मोबाइल फोन चोरी होने के छोटे से शक पर कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए एक 20 साल के नौजवान को ऐसा बेरहम दर्द दिया कि उसकी जान ही चली गई।
थाना सिटी फरीदकोट के अंतर्गत आने वाले इलाके में हुई इस वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक की मां के बयानों और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह खौफनाक खेल 4 सितंबर की सुबह करीब चार बजे शुरू हुआ था, जब आरोपियों ने प्रतिशोध की सारी हदें पार कर दीं।
बंधक बनाकर पूरे दिन दी गई यातनाएं
शहीद बलविंदर सिंह नगर की रहने वाली मीना कौर ने पुलिस के पास दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोसी बलविंदर सिंह और उसके तीन बेटों—वरिंदर सिंह उर्फ काला, अतिंदर सिंह उर्फ गगन और अजय सिंह उर्फ भजन ने उनके बेटे हरप्रीत सिंह को सुबह-सुबह अपने घर बुलाया।
इसके बाद आरोपियों ने हरप्रीत को रस्सी से बांध दिया और उस पर मोबाइल फोन चोरी करने का झूठा इल्जाम मढ़ते हुए बेरहमी से डंडों और लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। जब मां मीना कौर अपने बहनोई सुखपाल सिंह के साथ बेटे को बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं, तो इन दबंगों ने उनके साथ भी बदसलूकी की, गालियां दीं और उन्हें मौके से भगा दिया।
आरोपियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी; उन्होंने हरप्रीत को पूरे दिन अपने घर में अवैध रूप से कैद रखा और लगातार मारपीट करते रहे। जब रात हुई और युवक की हालत गंभीर हो गई, तो ये लोग उसे बेहोशी की हालत में उसके घर के बाहर फेंककर फरार हो गए।
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग हारा हरप्रीत
घर के बाहर लावारिस हालत में मिले जख्मी हरप्रीत को परिवारवालों ने तुरंत आनन-फानन में फरीदकोट के ही गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शरीर पर लगे गंभीर जख्मों और अंदरूनी चोटों के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार, जिंदगी और मौत के बीच कई दिनों तक संघर्ष करने के बाद 10 सितंबर की रात को अस्पताल में इलाज के दौरान हरप्रीत ने दम तोड़ दिया। इस मौत के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस स्टेशन सिटी फरीदकोट की टीम ने तुरंत एक्शन लिया। मृतका की मां मीना कौर के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी बलविंदर सिंह और उसके तीनों बेटों—वरिंदर सिंह, अतिंदर सिंह और अजय सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या, 127(2), 351(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस सनसनीखेज मामले की गहन तफ्तीश एएसआई अकालप्रीत सिंह द्वारा की जा रही है और पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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