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Gulzar Singh Suicide Update : गुलजार सिंह के परिवार ने प्रशासन पर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करवाने के आरोप लगाया

Gulzar Singh Suicide Update : गुलजार सिंह के परिवार ने प्रशासन पर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करवाने के आरोप लगाया

गुलजार सिंह के परिवार ने प्रशासन पर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करवाने के आरोप लगाया

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hharpreet singh

Gulzar Singh Suicide Update : संगरूर जिले के गांव तूर बंजारा में मजदूर गुलजार सिंह की खुदकुशी का मामला अब बेहद तूल पकड़ता जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाए जाने के बाद आनन-फानन में अंतिम संस्कार तो करवा दिया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद मृतक का पूरा परिवार मीडिया के सामने आ गया। परिवार ने प्रशासन और स्थानीय रसूखदार लोगों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि उन्हें न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

बेटे को गुमराह कर कराया गया संस्कार

गुलजार सिंह की पत्नी और उनके तीनों बेटों ने प्रेस के सामने आकर साफ कहा कि उनका यह अंतिम संस्कार पूरी तरह से दबाव में हुआ है। बड़े बेटे का आरोप है कि प्रशासन ने उनके छोटे भाई को बरगलाया और उसके गलत बयान दिलवाकर जल्दबाजी में चिता को अग्नि दिलवा दी। परिवार का कहना है कि जब तक गुलजार सिंह द्वारा अपने आखिरी वीडियो में जिन-जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे श्मशान घाट से अस्थियां नहीं उठाएंगे और न ही भोग की रस्म अदा की जाएगी।

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नशे की शिकायत करने पर हुआ था अपमान

मृतक की मां जसवंत कौर ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में एक कैबिनेट मंत्री की मीटिंग चल रही थी। गुलजार वहां इलाके में खुलेआम बिक रहे चिट्ठे और नशे की शिकायत करने गया था। उसने मंत्री के पैर पकड़कर गुहार लगाई थी कि इस कारोबार को बंद करवाया जाए क्योंकि उसका अपना बेटा भी नशे की गिरफ्त में है। मां का आरोप है कि वहां मौजूद गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सुक्खा कंडक्टर ने गुलजार पर ही नशा करने का झूठा आरोप मढ़ दिया और उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया। इस बात को लेकर मंत्री के सामने ही तीखी बहस भी हुई थी।

मुंह काला करने और बेइज्जती की धमकी

मामला तब और गंभीर हो गया जब परिवार ने आरोप लगाया कि मीटिंग खत्म होने के बाद आरोपी उनके घर तक पहुंच गए। गुलजार की भाभी और मां के मुताबिक, आरोपियों ने घर आकर गाली-गलौज की और धमकी दी कि वे गुलजार का मुंह काला करके पूरे गांव में घुमाएंगे और उससे सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाएंगे। इसी सामाजिक बेइज्जती, डर और मानसिक दबाव के चलते गुलजार मानसिक रूप से टूट गया था। इसके बाद आरोपी दोबारा घर आए और कहा कि किसी बड़े अधिकारी ने उसे बुलाया है, जिसके बाद तनाव में आकर उसने दिड़बा जाकर जहरीली चीज निगल ली।

वीडियो में छलका दर्द और लगाए गंभीर आरोप

मौत से पहले गुलजार सिंह के दो वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने इस मामले की परतें खोल दी हैं। एक वीडियो में वह यह कहते साफ सुनाई दे रहा है कि वह सिर्फ चिट्ठे की बात करने गया था और उसने अपनी जीवनलीला इसी नशे के कारोबार के कारण खत्म कर ली है।

वहीं, इलाज के दौरान लुधियाना के डीएमसी अस्पताल ले जाने से पहले बनाए गए दूसरे वीडियो में उसने चीमा, मौजूदा सरपंच, सरपंच के पति और कुछ अन्य लोगों को अपनी मौत का सीधा जिम्मेदार बताया है। हालांकि पुलिस ने शुरुआती विरोध और चिता की लकड़ियां फेंके जाने के बाद जैसे-तैसे अंतिम संस्कार तो करवा दिया, लेकिन परिवार के इन तीखे तेवरों ने पुलिस और प्रशासन की मुश्किलें  बढ़ा दी हैं।

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