Haryana MSME Incentives: सीएम नायब सैनी ने 670 उद्यमियों के खातों में भेजे 311.25 करोड़ रुपये , जानें किस नीति में कितना मिला

सीएम नायब सैनी ने 670 उद्यमियों के खातों में भेजे 311.25 करोड़ रुपये , जानें किस नीति में कितना मिला
Haryana MSME Incentives: हरियाणा में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने और कारोबारियों को नौकरशाही की अड़चनों से मुक्ति दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में किए गए वादे पर मुहर लगाते हुए राज्य के 670 उद्यमियों व औद्योगिक इकाइयों को कुल 311.25 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन (इंसेंटिव) राशि जारी कर दी है। ई-कुबेर (ट्रेजरी) प्रणाली के जरिए पारदर्शी तरीके से यह धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई है। इसमें एमएसएमई (MSME) निदेशालय और उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय की अलग-अलग नीतियों के तहत आने वाले उद्योग शामिल हैं।
7 दिन में 50% एडवांस और 45 दिन में पूरा भुगतान: पारदर्शिता का नया मॉडल
वीरवार को हरियाणा निवास में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक प्रोत्साहन वितरण में शत-प्रतिशत पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित कर रही है।
बजट के दौरान तय किए गए फार्मूले की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ‘इन्वेस्ट हरियाणा’ पोर्टल पर आवेदन और प्राथमिक सत्यापन पूरा होने के महज 7 कार्यदिवसों (Working Days) के भीतर पात्र प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा एडवांस के रूप में जारी किया जा रहा है। वहीं, दस्तावेज़ों की विस्तृत जांच पूरी होने के 45 दिनों के भीतर बकाया 50 प्रतिशत राशि भी सीधे खाते में पहुंचा दी जाएगी।
टेक्सटाइल से लेकर लॉजिस्टिक्स तक, जानें किस सेक्टर को मिला कितना फंड
जारी की गई 311.25 करोड़ रुपये की कुल राशि में अलग-अलग औद्योगिक नीतियों का दायरा शामिल है:
हरियाणा एंटरप्राइजेज एंड एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी (MSME): 539 लाभार्थियों को ₹45.44 करोड़ दिए गए।
बड़े व मेगा उद्योग: उद्योग निदेशालय की इसी नीति के तहत 16 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को ₹144.16 करोड़ की भारी-भरकम राशि जारी हुई।
आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी: टेक्सटाइल क्षेत्र को मजबूती देने के लिए 98 उद्यमियों को ₹65.18 करोड़ का प्रोत्साहन मिला।
प्लग एंड प्ले योजना: इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वाले 10 लाभार्थियों को ₹24.53 करोड़ दिए गए।
लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग: 4 लाभार्थियों को ₹9.29 करोड़ का आवंटन हुआ।
अन्य योजनाएं: ‘एडवांसमेंट’ स्कीम के तहत दो इकाइयों को ₹20.54 करोड़ और क्लस्टर डेवलपमेंट (MSE CDP) के लिए ₹2.11 करोड़ जारी किए गए।
“उद्योगों को समय पर मदद ही समृद्ध हरियाणा की कुंजी” — राव नरबीर सिंह
इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश भर में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को नया बल देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर वित्तीय मदद मिलने से न केवल नए उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नीतियों को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर उनके लाभ अंतिम लाभार्थी तक बिना किसी देरी के पहुंचाए जाएं।
