Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र के पिहोवा में किसान महापंचायत, 15 सितंबर से धान खरीद की मांग, जीटी रोड जाम करने की चेतावनी

कुरुक्षेत्र के पिहोवा में किसान महापंचायत, 15 सितंबर से धान खरीद की मांग, जीटी रोड जाम करने की चेतावनी
Kurukshetra News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले अंतर्गत आने वाले पिहोवा अनाज मंडी में गुरुवार को किसानों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। राज्य में धान (जीरी) की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू कराने और किसानों से जुड़ी अन्य लंबित मांगों को लेकर आयोजित इस राज्य स्तरीय किसान महापंचायत में प्रदेश के कोने-कोने से किसान पहुंचे।
इस महापंचायत में राज्य के 10 प्रमुख किसान संगठनों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। मंच से बोलते हुए किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली और चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
15 सितंबर से खरीद और 20% नमी छूट की मुख्य मांग
किसान संगठनों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि मंडियों में धान की सरकारी खरीद की शुरुआत 15 सितंबर से अनिवार्य रूप से कर दी जाए। भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के प्रदेश अध्यक्ष संजू नंबरदार ने महापंचायत में कहा कि पिछले सप्ताह ही इस संदर्भ में मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त (DC) को मांग पत्र सौंपा गया था।
इसके अलावा, किसान नेताओं ने मांग उठाई है कि इस बार धान खरीद के दौरान नमी की सीमा में छूट दी जाए। वर्तमान में नमी की मानक सीमा 17 प्रतिशत तय है, जिसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किए जाने की मांग की जा रही है ताकि शुरुआती आवक के दौरान किसानों को फसल बेचने में परेशानी या कटौतियों का सामना न करना पड़े।
गन्ने के रेट, दूध के दाम और MSP की कानूनी गारंटी
महापंचायत के दौरान केवल धान खरीद ही नहीं, बल्कि किसानों से जुड़े अन्य प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर भी रणनीति तैयार की गई:
गन्ने का भाव: किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि जब बाजार में चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तो इसका सीधा आर्थिक लाभ गन्ना उत्पादक किसानों को भी मिलना चाहिए। सरकार को गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
दूध के दाम: पशुपालक किसानों के लिए दूध के उचित और लाभदायक रेट तय करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
MSP कानून: महापंचायत ने एक बार फिर सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने के राष्ट्रीय मुद्दे को दोहराया।
सरकार को कड़ा संदेश: जीटी रोड जाम और DC दफ्तरों के बाहर धान फेंकने की चेतावनी
महापंचायत में शामिल किसान संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि यदि सरकार ने 15 सितंबर तक धान खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं की और अन्य मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं दिखाया, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
किसानों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि मांगें न पूरे होने की स्थिति में राज्य भर के मुख्य जीटी रोड को जाम किया जाएगा और सभी जिलों में उपायुक्त (DC) कार्यालयों के बाहर धान गिराकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल महापंचायत में भावी आंदोलन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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