Haryana News: बंतो कटारिया हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन बनीं, रेनू डाबला को वाइस चेयरपर्सन की जिम्मेदारी
बंतो कटारिया हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन बनीं
Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग में नई नियुक्तियां की हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 8 अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक बंतो कटारिया को आयोग की चेयरपर्सन और रेनू डाबला को वाइस चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है। अंबाला से जुड़ी बंतो कटारिया पूर्व केंद्रीय मंत्री और अंबाला के सांसद रहे स्वर्गीय रतनलाल कटारिया की पत्नी हैं। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव अंबाला सीट से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था, हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी वरुण चौधरी से चुनाव हार गई थीं।
रतनलाल कटारिया के निधन के बाद अंबाला में सक्रिय रहीं बंतो
रतनलाल कटारिया का मई 2023 में निधन हुआ था। इसके बाद बंतो कटारिया अंबाला क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें अंबाला लोकसभा सीट से मैदान में उतारा था। चुनाव में उन्हें कांग्रेस के वरुण चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था। अब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के शीर्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी नई भूमिका राज्य स्तर पर होगी।
रोहतक की पूर्व मेयर रेनू डाबला बनीं वाइस चेयरपर्सन
सरकार ने रोहतक की पूर्व मेयर रेनू डाबला को आयोग की वाइस चेयरपर्सन नियुक्त किया है। वह इससे पहले रोहतक नगर निगम की मेयर रह चुकी हैं। अनुसूचित जाति आयोग में वाइस चेयरपर्सन के तौर पर उनकी जिम्मेदारी अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों और आयोग के कामकाज में चेयरपर्सन के साथ समन्वय की होगी।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में दोनों नियुक्तियों को राज्यपाल की मंजूरी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, दोनों पदाधिकारियों की नियुक्ति से जुड़ी नियम और सेवा शर्तें अलग से जारी की जाएंगी। विभाग ने नियुक्ति संबंधी अधिसूचना को हरियाणा सरकार के राजपत्र में प्रकाशित करने के लिए भी भेज दिया है। इससे नियुक्तियों की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी।
आयोग की भूमिका क्या है?
हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े अधिकारों, शिकायतों और उनके हितों से संबंधित मामलों को देखता है। आयोग के सामने आने वाली शिकायतों और मुद्दों पर संबंधित विभागों से जानकारी लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। सरकार ने आयोग के चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन, दोनों शीर्ष पदों पर महिला नेताओं को जिम्मेदारी दी है। इसी वजह से इन नियुक्तियों को प्रशासनिक भूमिका के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है।
