Haryana Weather: हरियाणा में फिर बदला मौसम, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत 6 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट

हरियाणा में फिर बदला मौसम, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत 6 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
Haryana Weather: भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे हरियाणा के लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने आज यानी सोमवार को राज्य के 6 जिलों में तेज बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, इन इलाकों में बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आसमान से बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण देखने को मिल रहा है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।
यमुनानगर से गुरुग्राम तक दिखेगा असर, 17 सितंबर तक झमाझम के आसार
मौसम विभाग ने जिन 6 जिलों को विशेष निगरानी में रखा है, उनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल शामिल हैं। इसके अलावा उत्तरी हरियाणा के यमुनानगर और करनाल जिलों में भी बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार हैं। पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में बारिश का यह दौर यहीं नहीं थमेगा, बल्कि 17 सितंबर तक रुक-रुक कर प्री-मानसून और मानसूनी फुहारें पड़ती रहेंगी।
इससे पहले रविवार को भी सूबे के कई हिस्सों में अचानक मौसम ने पलटी मारी थी। खासतौर पर पंचकूला और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। दिनभर की उमस के बाद हुई इस झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों ने राहत की सांस ली।
हिसार और नारनौल में पारा 35 पार, उमस से मिलेगी राहत
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो हिसार सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं नारनौल में भी पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। दोपहर के समय धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, सोमवार सुबह से ही कई जिलों में छाये बादलों ने तापमान पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में हो रही इस बारिश से न केवल तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आएगी, बल्कि किसानों की खड़ी फसलों, विशेषकर धान और अगेती फसलों के लिए भी यह पानी संजीवनी का काम करेगा।
