हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन: धान घोटाले पर सदन में हंगामा, सीएम सैनी-MLA अरोड़ा के बीच तीखी बहस
Feb 27, 2026 2:17 PM
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित सदन में धान खरीद और कथित घोटाले पर तीखी बहस हुई। प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा और आरोप लगाया कि यह बड़ा घोटाला है जो बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं। इसके बाद आदित्य सुरजेवाला, आदित्य देवीलाल और बीबी बत्तरा ने भी गंभीर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कार्रवाई का पूरा ब्योरा रखा।
धान घोटाले पर सदन में तीखी बहस
अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि यूपी और बिहार के धान का हरियाणा में गेट पास बन रहा है और इससे प्रदेश के किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी बिना संरक्षण के नहीं हो सकती और मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए।
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि इलीगल बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए धान की एंट्री हो रही है। इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने दावा किया कि हर साल करीब 19 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हो रहा है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
सीएम सैनी का जवाब और कार्रवाई का ब्यौरा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जहां भी खामियां मिलीं, सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि संयुक्त कमेटी से राइस मिलों का सत्यापन कराया गया और अनियमितता मिलने पर 12 एफआईआर दर्ज की गईं।
सरकार ने 75 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की और 28 को निलंबित किया। राइस मिलरों से 6 करोड़ 37 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने कहा कि ई-खरीद पोर्टल अपग्रेड हो रहा है, मंडियों की जियो-फेंसिंग और कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में गड़बड़ी न हो।
किसानों के भुगतान और खरीद के आंकड़े
सीएम ने बताया कि 358 करोड़ 52 लाख रुपये सीधे किसानों के खातों में बाजरे की राशि भेजी गई है। राज्य में 97 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का अनुमान है और ऑनलाइन गेट पास व डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक लाख किसानों से 6 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया और 575 रुपये प्रति क्विंटल के अंतर की भरपाई सरकार कर रही है। महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में धान खरीद का आंकड़ा शून्य होना इस बात का संकेत है कि डेटा वास्तविक है, कृत्रिम बढ़ोतरी नहीं।
सदन में हंगामा और राजनीतिक तकरार
सीएम ने कहा कि बड़े घोटाले कांग्रेस के समय में होते थे, जिस पर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध किया। अशोक अरोड़ा ने कहा कि यदि पहले भी घोटाले हुए तो उनकी भी सीबीआई जांच करवा दी जाए।
मंत्री रणबीर गंगवा की टिप्पणी पर भी कांग्रेस ने हंगामा किया। बीबी बत्तरा ने कहा कि यह घोटाला पिछले 10 साल से चल रहा है और मिल मालिकों व आढ़तियों की मिलीभगत से हुआ है। सरकार ने दोहराया कि खरीद प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार होती है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।