चंडीगढ़: हरियाणा ने अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (एफएससी) जारी करने और नवीनीकरण के लिए नए दिशा निर्देश अधिसूचित किए हैं जो पुरानी प्रक्रिया के स्थान पर प्रौद्योगिकी-आधारित, पारदर्शी और समयबद्ध तंत्र का उपयोग करता है। हरियाणा अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 के तहत तैयार की गई यह नीति स्वचालित ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया के साथ-साथ सूचीबद्ध एजेंसी प्रणाली की शुरुआत करती है, जिससे प्रक्रियात्मक देरी में काफी कमी आती है। बयान में कहा गया है कि नौ दिसंबर को अधिसूचित इस नीति से निरीक्षण संबंधी बाधाओं में काफी कमी आने की उम्मीद है। वित्त आयुक्त और अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व और आपदा प्रबंधन) सुमिता मिश्रा ने कहा कि नयी प्रणाली का उद्देश्य सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना सेवाओं की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है। बयान के अनुसार नयी नीति को 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से लागू किया जाना निर्धारित है जो हरियाणा के अग्नि सुरक्षा नियामक ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार का संकेत है।

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