Haryana Weather Update: हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों और सैटेलाइट इमेज के मुताबिक, 31 जनवरी की रात से एक नया और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश करेगा। इसका सीधा असर प्रदेश के मौसम पर देखने को मिलेगा।
दक्षिणी और पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 1 और 2 फरवरी को हरियाणा में रहेगा। खास तौर पर दक्षिणी और पूर्वी जिलों—जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी और नूंह—में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। 1 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 75 प्रतिशत तक बारिश की संभावना जताई गई है।
न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट, ठंड बरकरार
बीती रात राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि तापमान फिलहाल सामान्य के आसपास बना हुआ है और अत्यधिक ठंड की स्थिति नहीं है।
महेंद्रगढ़ सबसे ठंडा, मंडकोला में सबसे ज्यादा गिरावट
तापमान के लिहाज़ से महेंद्रगढ़ (AWS) बीती रात प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंडकोला (मेवात) में तापमान में सबसे अधिक 3.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर, नारनौल में न्यूनतम तापमान में 4.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जनवरी में अब तक चार पश्चिमी विक्षोभों का असर
जनवरी माह में अब तक हरियाणा चार प्रमुख पश्चिमी विक्षोभों से प्रभावित हो चुका है। इनमें 22–23 जनवरी और 27–28 जनवरी को आए पश्चिमी विक्षोभ सबसे ज्यादा प्रभावी रहे, जिनके चलते प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।
सुबह हल्की धुंध, घना कोहरा नहीं
आज सुबह हरियाणा के कई इलाकों में हल्की धुंध देखने को मिली। मौसम विभाग ने पहले घने कोहरे की संभावना जताई थी, लेकिन हवा की दिशा में बदलाव के कारण घना कोहरा नहीं छा सका।