INDIA Alliance SIR Protest: कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विपक्षी INDIA गठबंधन ने विरोध तेज करने की तैयारी की है। गठबंधन के सांसद शुक्रवार को संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक करेंगे। बैठक दोपहर 3 बजे बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यदि शुक्रवार तक राष्ट्रपति भवन से जवाब नहीं मिलता है, तो गठबंधन विरोध प्रदर्शन और मार्च समेत अन्य विकल्पों पर फैसला कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी सांसदों के बीच सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन करने की संभावना पर भी विचार हो सकता है। हालांकि, इन स्थानों पर प्रदर्शन को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल गठबंधन की बैठक को आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए दो बार भेजा गया अनुरोध
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने पहले बताया था कि INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है और राष्ट्रपति भवन के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है। उनके मुताबिक, गठबंधन ने पहला अनुरोध पत्र 2 अक्टूबर को भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। वेणुगोपाल के अनुसार, विपक्षी गठबंधन ने 5 अक्टूबर को दोबारा पत्र भेजकर नेताओं के नाम दिए और 7, 8 या 9 अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय मांगा था। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार तक जवाब का इंतजार किया जाएगा। यदि मुलाकात के लिए समय नहीं मिलता है, तो गठबंधन अपनी अगली रणनीति पर आगे बढ़ सकता है। विपक्षी दल SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनका विरोध मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर केंद्रित है। इन आरोपों के बीच गठबंधन संयुक्त रूप से अपनी बात रखने और विरोध कार्यक्रमों के जरिए मुद्दे को उठाने की तैयारी में है।
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दिल्ली में कॉजपा के प्रदर्शन से पहले 20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 20,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर पर किसी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने लोगों से किसी भी अनधिकृत तरीके से आयोजित सभा में शामिल नहीं होने की अपील की। कॉजपा ने अपने प्रस्तावित प्रदर्शन को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR के मुद्दे से जोड़ा है।
कांग्रेस ने सुरक्षा बलों की भारी तैनाती को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “यह स्पष्ट रूप से सरकार के घबराहट के स्तर को दर्शाता है।” यह टिप्पणी विपक्ष के पिछले कुछ दिनों के प्रदर्शनों और कॉजपा के प्रस्तावित कार्यक्रम के संदर्भ में की गई। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की कथित मंशा पर कांग्रेस की टिप्पणी विपक्ष का राजनीतिक आरोप है। वहीं, दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती का उल्लेख एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से किया गया है।
तीन दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दल
INDIA गठबंधन के दल पिछले तीन दिनों से अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले सप्ताह गठबंधन ने SIR के मुद्दे पर संयुक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया था। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर रैलियां आयोजित करने और ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने का फैसला किया गया था। शुक्रवार की बैठक में राष्ट्रपति से मुलाकात की स्थिति और आगे के विरोध कार्यक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है। गठबंधन के सामने एक ओर SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को संयुक्त रूप से उठाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर उसे अपने विरोध कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय करनी है। अब यह देखना अहम होगा कि राष्ट्रपति भवन से मुलाकात के अनुरोध पर क्या जवाब मिलता है और INDIA गठबंधन अपनी अगली रणनीति के तहत मार्च या किसी अन्य विरोध कार्यक्रम की घोषणा करता है या नहीं।

