Jind Anganwadi expired food: जींद शहर की चाबरी कॉलोनी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में मासूम बच्चों की जिंदगी और सेहत के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। केंद्र में बच्चों को बांटने और पकाने के लिए महीनों पहले एक्सपायर हो चुकी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि के औचक निरीक्षण के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुली, जिसके बाद केंद्र से जनवरी, मई और अक्टूबर महीने में एक्सपायर हो चुके दूध और खीर के पैकेट जब्त किए गए हैं।
चाबरी कॉलोनी की आंगनवाड़ी को लेकर पिछले काफी समय से राशन में धांधली करने और बच्चों को खराब खाना परोसने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए वार्ड-23 के पार्षद प्रतिनिधि बलवंत सिंह मंगलवार दोपहर बाद मोहल्ले के लोगों को साथ लेकर जांच के लिए पहुंचे। मौके पर आंगनवाड़ी केंद्र बाहर से बंद मिला। इसके बाद आंगनवाड़ी सहायिका को बुलाकर ताला खुलवाया गया और जब अंदर जाकर स्टोर की तलाशी ली गई तो वहां का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया।
सहायिका का खुलासा: मैडम घर ले गईं चावल, जबरन बनवाया एक्सपायरी खाना
निरीक्षण के दौरान केंद्र के अंदर रखे दूध और खीर के कई पैकेट मिले, जिन पर इस्तेमाल की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर दर्ज थी। हद तो तब हो गई जब वहां रसोई की जांच में जनवरी और मई 2026 में एक्सपायर हो चुके पैकेट भी बरामद हुए, जिनसे बच्चों के लिए खीर पकाई जा रही थी। जब पार्षद प्रतिनिधि और कॉलोनी के लोगों ने मौके पर मौजूद सहायिका से पूछताछ की, तो उसने आंगनवाड़ी वर्कर के कारनामों की पूरी सच्चाई उगल दी।
सहायिका ने बताया कि हाल ही में आंगनवाड़ी में बच्चों के पोषण के लिए चावल के 5 कट्टे आए थे, जिनमें से 3 कट्टे मैडम (वर्कर) अपने घर ले गईं और केवल 2 कट्टे ही केंद्र में छोड़े। सहायिका के मुताबिक, वह कई दिनों से वर्कर को चेतावनी दे रही थी कि एक्सपायरी डेट का दूध और पैकेट इस्तेमाल करने से बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। लेकिन वर्कर यह कहकर उसे डांटकर चुप करा देती थी कि ‘तुम्हारा काम सिर्फ खाना बनाना है, बाकी का हिसाब-किताब मैं देख लूंगी।’
सीडीपीओ को सौंपी गई जांच, विभागीय कार्रवाई की तैयारी
मामला उजागर होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) सीमा रोहिल्ला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सीडीपीओ (CDPO) को तुरंत मौके की पड़ताल कर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
डीपीओ सीमा रोहिल्ला ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सीडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी आंगनवाड़ी वर्कर और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि नौनिहालों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
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