Jind Dhakal Ashram Sadhvi Attack: जींद जिले के नरवाना उपमंडल स्थित ढाकल गांव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। गांव में स्थित नाथ संप्रदाय के ऐतिहासिक डेरे में शुक्रवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने साध्वी राजदास पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने साध्वी के सिर पर तेजधार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार किए और उन्हें मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल साध्वी को तुरंत अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
सुबह-सुबह दिया वारदात को अंजाम, तड़पती रहीं साध्वी
मिली जानकारी के मुताबिक, वारदात शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे की है। ढाकल स्थित नाथ संप्रदाय के डेरे में इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। घटना के वक्त साध्वी राजदास डेरे में अकेली थीं। इसी बात का फायदा उठाकर बेखौफ हमलावर अंदर घुसे और बिना किसी कहासुनी के साध्वी पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया। सिर पर गहरे जख्म लगने के कारण साध्वी काफी देर तक फर्श पर पड़ी तड़पती रहीं।
जब सुबह 8 बजे के करीब कंस्ट्रक्शन काम में लगे मिस्त्री और मजदूर डेरे में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर साध्वी खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं। मिस्त्रियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी और एम्बुलेंस की मदद से उन्हें नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
नरवाना से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर, शिष्या कंचन नाथ पहुंचीं अस्पताल
नरवाना नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने साध्वी को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन सिर पर गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
साध्वी पर हुए इस जानलेवा हमले की खबर मिलते ही नाथ संप्रदाय से जुड़ी उनकी शिष्या बाल योगी साध्वी कंचन नाथ भी तुरंत उनका हाल-चाल जानने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। गौरतलब है कि कम उम्र में ही संन्यास और कड़े तप के लिए पहचानी जाने वाली साध्वी कंचन नाथ इस डेरे से जुड़ी प्रमुख युवा संन्यासिनी हैं।
17 शिष्यों वाला ऐतिहासिक डेरा, पुलिस खंगाल रही सुराग
नरवाना के ढाकल गांव में प्राचीन काली माता मंदिर के परिसर में ही नाथ संप्रदाय का यह प्रसिद्ध आश्रम और एक विशाल गौशाला स्थित है। इस पूरे स्थान का संचालन गुरु राजनाथ द्वारा किया जाता है और डेरे में लगभग 17 शिष्य रहते हैं। धार्मिक स्थल पर इस तरह से सरेआम हुए हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम तुरंत ढाकल गांव पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों व डेरे के सेवादारों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक हमले के पीछे की वजह और कातिलों की पहचान को लेकर कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लग सका है। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से मामले की तफ्तीश की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।
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