karnal dial 112: मुनीश मुंडे, करनाल। करनाल में पुलिस की मुस्तैदी और मानवीय संवेदना का एक बेहतरीन उदाहरण उस वक्त देखने को मिला, जब डायल 112 की टीम ने मौत के मुंह में समा रही एक महिला की जिंदगी बचा ली। थाना रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत काछवा नहर पुल के पास एक महिला के नहर में कूदने की सूचना जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, हड़कंप मच गया। बिना एक पल गंवाए ईआरवी-429 की टीम मौके पर पहुंची और अपनी जान की परवाह किए बिना महिला की तलाश में जुट गई। इस साहसिक और त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुसीबत के वक्त पुलिस जनता का सबसे बड़ा सहारा है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक दिलबाग सिंह और उनकी टीम ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। महिला के तेज पानी के बहाव में आगे निकल जाने की आशंका थी, इसलिए पुलिसकर्मियों ने हार नहीं मानी। टीम ने नहर की पटरी के साथ-साथ दौड़ लगाते हुए करीब एक किलोमीटर तक का इलाका छान मारा। उनकी यह मेहनत रंग लाई और कुछ ही देर में कैथल पुल के नजदीक महिला पानी में संघर्ष करती हुई दिखाई दी।
एक किलोमीटर की मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला
कैथल पुल के पास महिला के होने का पता चलते ही पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला को सकुशल नहर से बाहर निकाल लिया। उस वक्त महिला सदमे में थी और उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस ने तुरंत बिना समय गंवाए उसे आपातकालीन वाहन में डाला और इलाज के लिए करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।
आपातकालीन परिस्थितियों में किस तरह से एक-एक सेकंड की कीमत होती है, इसे इस घटना ने साबित कर दिया। ईआरवी इंचार्ज उप निरीक्षक दिलबाग सिंह के नेतृत्व में टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता और सूझबूझ के कारण ही महिला की जान बचाई जा सकी। पुलिसर्किमयों के इस सराहनीय कदम की हर तरफ चर्चा हो रही है।
एसपी करन गोयल की आमजन से अपील
इस पूरी घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पुलिस अधीक्षक करनाल करन गोयल के दिशा-निर्देशों के तहत जिला पुलिस संकट के समय हरसंभव मदद के लिए तत्पर रहती है। एसपी ने आमजन से भी विशेष अपील की है कि जीवन में कभी भी किसी भी आपातकालीन परिस्थिति का सामना करना पड़े, तो तुरंत डायल 112 पर कॉल करें ताकि समय रहते पुलिस और मदद पहुंचाई जा सके।
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