September 23, 2026

Karnal News: करनाल जिला सचिवालय में कानून तार-तार, सड़क पर रस्सियां, फुटपाथ पर कब्जा और पार्किंग में भारी अव्यवस्था

0
Karnal News: करनाल जिला सचिवालय में कानून तार-तार, सड़क पर रस्सियां, फुटपाथ पर कब्जा और पार्किंग में भारी अव्यवस्था

करनाल जिला सचिवालय में कानून तार-तार, सड़क पर रस्सियां, फुटपाथ पर कब्जा और पार्किंग में भारी अव्यवस्था

Karnal News: मुनीश मुंडे, करनाल। जिस जिला सचिवालय से पूरे जिले में कानून-व्यवस्था और नियमों के कड़ाई से पालन का हुक्म जारी होता है, अफसोसनाक बात यह है कि उसी सचिवालय परिसर के इर्द-गिर्द यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिला सचिवालय और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (जिला अदालत) को जोड़ने वाली मुख्य डबल रोड के एक हिस्से को बकायदा रस्सियां बांधकर जबरन बंद कर दिया गया है।

अवैध रूप से बंद किए गए इस मार्ग के हिस्से का उपयोग पार्किंग और पुलिस कर्मचारियों के बैठने के अस्थायी स्थान के रूप में किया जा रहा है। इसका सीधा असर वहां से गुजरने वाले चार पहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है, जिन्हें संकरे रास्ते से निकलने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, सचिवालय से सटी मुख्य पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने का कोई सिर-पैर नजर नहीं आता, जिससे आम जनता को रोज चिलचिलाती धूप में घंटों अपनी गाड़ी निकलने का इंतजार करना पड़ता है।

‘पहले आओ, जहां जगह मिले गाड़ी ठोको’ वाली पार्किंग व्यवस्था

सचिवालय परिसर में बनी पार्किंग में कोई स्थायी व्यवस्था या अटेंडेंट का नियम नजर नहीं आता। स्थिति ऐसी बन चुकी है कि ‘पहले आओ, जहां जगह मिले गाड़ी खड़ी कर दो’ का नियम चल रहा है। कई गैर-जिम्मेदार चालक अपनी सुविधा के हिसाब से पहले से खड़ी गाड़ियों के ठीक पीछे अपना वाहन पार्क करके चले जाते हैं।

ऐसे में काम निपटाकर वापस लौटने वाले व्यक्ति की गाड़ी पीछे ब्लॉक हो जाती है। जब तक पीछे वाली गाड़ी का मालिक लौटकर नहीं आता, तब तक पीड़ित को एक से दो घंटे तक लाचार होकर खड़े रहना पड़ता है।

फुटपाथ पर दोपहिया गाड़ियों का कब्जा, जान जोखिम में डालकर चल रहे राहगीर

सचिवालय के बाहर समस्या सिर्फ पार्किंग और बंद सड़क तक सीमित नहीं है। पैदल चलने वालों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाए गए फुटपाथों पर दोपहिया वाहन चालकों ने कब्जा जमा रखा है।

फुटपाथ पर कतारबद्ध खड़ी बाइक और स्कूटरों के कारण राहगीरों को मुख्य सड़क पर उतरकर चलना पड़ रहा है। लगातार आते-जाते तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर चलने से हर वक्त बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है। खासकर अपनी फरियाद लेकर आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह अव्यवस्था बेहद खतरनाक साबित हो रही है।

सड़क बंद होने से बढ़ी आफत:

जिला सचिवालय और कोर्ट की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग का एक हिस्सा बंद होने से पूरी सड़क का ट्रैफिक बैलेंस बिगड़ गया है। सीमित जगह में जब आमने-सामने से दो गाड़ियां आती हैं, तो साइड लेने के चक्कर में अक्सर वाहनों के आपस में टकराने की नौबत आ जाती है। प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही इस अव्यवस्था को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब खुद सचिवालय में ऐसे हालात हैं, तो आम शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का भगवान ही मालिक है।

पीड़ित का दर्द: “एक घंटे तक अपनी ही गाड़ी के पीछे खड़ा रहा”

काम के सिलसिले में जिला सचिवालय पहुंचे संजय कुमार ने अपना कड़वा अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी कार पार्किंग में सही जगह खड़ी की थी। लेकिन जब वे ऑफिस से काम निपटाकर लौटे, तो उनकी गाड़ी के पीछे एक दूसरी कार आड़ी-तिरछी खड़ी थी। कार का ड्राइवर गायब था। मजबूरन संजय को तपती गर्मी में करीब एक घंटे तक उस ड्राइवर के आने का इंतजार करना पड़ा, तब जाकर उनकी गाड़ी निकल सकी।

यह भी पढ़ें– शाहाबाद हाईवे पर किसानों का पक्का डेरा, धान खरीद पर अड़े चढूनी, टिकैत गुट ने दिया समर्थन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed