Karnal News: इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा का ऐलान, 27 अगस्त को नूंह में होगी ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस रैली

इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा का ऐलान, 27 अगस्त को नूंह में होगी ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस रैली
Karnal News: करनाल। करनाल के जुंडला में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) द्वारा आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने शिरकत की। कार्यकर्ताओं के उत्साह के बीच जनसभा को संबोधित करते हुए माजरा ने प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर जमकर हमला बोला। उन्होंने ऐलान किया कि पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ चौधरी देवीलाल की जयंती के उपलक्ष्य में आगामी 27 अगस्त को नूंह की पावन धरा पर एक विशाल ‘सम्मान दिवस’ रैली का आयोजन किया जाएगा, जो प्रदेश की राजनीति में परिवर्तन का मील का पत्थर साबित होगी।
नूंह रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
रामपाल माजरा ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 अगस्त की नूंह रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए इनेलो पूरे हरियाणा में हलकावार बैठकें आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में कार्यकर्ताओं और आम जनता की रिकॉर्ड मौजूदगी यह साफ दर्शा रही है कि लोग वर्तमान सरकार से छुटकारा पाना चाहते हैं। माजरा ने दावा किया कि 27 अगस्त को हरियाणा के कोने-कोने से लाखों लोग ताऊ देवीलाल को श्रद्धांजलि देने और बदलाव का संकल्प लेने नूंह पहुंचेंगे।
हर वर्ग परेशान, अभय चौटाला और इनेलो पर जनता का भरोसा: माजरा
प्रदेश सरकार को चौतरफा घेरते हुए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आज हरियाणा का किसान, मजदूर, छोटा व्यापारी और कर्मचारी वर्ग सरकार की गलत नीतियों की वजह से सड़कों पर आने को मजबूर है। जनता का हर तबका वर्तमान शासन से तंग आ चुका है और राज्य में सत्ता परिवर्तन की राह देख रहा है। माजरा ने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता अब अभय सिंह चौटाला और इनेलो को ही भाजपा के मजबूत और विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रही है।
15 अगस्त को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और तानाशाही का आरोप
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए रामपाल माजरा ने सरकार पर संवेदनहीनता और तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपने हक की मांग कर रहे निहत्थे लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजीं, घोड़े दौड़ाए और किसानों के ट्रैक्टरों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया। यही नहीं, दर्जनों लोगों को जबरन हिरासत में ले लिया गया।
माजरा ने कड़े शब्दों में कहा कि आजादी के पावन पर्व पर सरकार को जनता की न्यायसंगत मांगों को सुनना चाहिए था और राहत भरी घोषणाएं करनी चाहिए थीं। लेकिन इसके विपरीत, सरकार ने लाठियों के दम पर आवाज़ दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इसी दमनकारी नीति के कारण आज प्रदेश की जनता सड़कों पर उतरकर बदलाव की मांग कर रही है।
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