Karnal News: करनाल-कैथल रोड पर मची भगदड़, राइस मिल में धधकीं लपटें, पानीपत से बुलानी पड़ीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
करनाल-कैथल रोड पर मची भगदड़, राइस मिल में धधकीं लपटें, पानीपत से बुलानी पड़ीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
Karnal News: हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र करनाल-कैथल रोड पर स्थित प्रसिद्ध ‘सप्पल टेक राइस मिल’ में गुरुवार शाम को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मिल परिसर से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। शाम करीब चार बजे लगी इस आग ने चंद मिनटों में ही मिल के एक बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले लिया। हवा के साथ उठ रहे काले धुएं के घने गुबार को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था, जिससे आसपास के अन्य मिल संचालकों और राहगीरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पैकिंग मटेरियल ने बढ़ाई आग की तपिश, पानीपत से भी बुलानी पड़ीं दमकल की गाड़ियां
घटना की जानकारी मिलते ही करनाल जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें हरकत में आईं। शुरुआत में स्थानीय दमकल गाड़ियों ने मोर्चा संभाला, लेकिन अंदर रखे भारी मात्रा में प्लास्टिक पैकेजिंग मटेरियल और धान की बोरियों की वजह से आग तेजी से फैलती चली गई।
स्थिति की गंभीरता और आग के विकराल रूप को देखते हुए पड़ोसी जिले पानीपत से भी दमकल की दो विशेष गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। कुल 11 से अधिक गाड़ियों ने चारों दिशाओं से पानी और रासायनिक फोम की बौछारें कर आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। आग की भीषण तपिश के चलते मिल का ऊपरी ढांचा और लोहे का शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर नीचे आ गिरा।
बॉयलर रूम तक नहीं पहुंचीं लपटें, बड़ा धमाका होने से बचा
हादसे के वक्त सबसे बड़ी चुनौती आग को मिल में मौजूद भारी-भरकम बॉयलर और मुख्य ट्रांसफार्मर रूम तक पहुंचने से रोकने की थी। दमकल अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले इन संवेदनशील हिस्सों की तरफ पानी का सुरक्षा घेरा तैयार किया। अगर आग बॉयलर या ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था। गनीमत यह रही कि इस अग्निकांड में किसी भी मजदूर या कर्मचारी के हताहत होने की खबर नहीं है।
लाखों की मशीनरी जलकर राख, जांच के बाद साफ होगी आग की वजह
घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे करनाल के एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि दमकल विभाग के जिला अधिकारी दीपक शर्मा के नेतृत्व में टीमों ने लगातार घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जिस हिस्से में आग लगी थी वहां चावल की प्रोसेसिंग और पैकिंग से जुड़ी कीमती मशीनें रखी हुई थीं, जिन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का सटीक आंकलन तो मलबा हटने के बाद ही हो सकेगा। वहीं, आग शॉर्ट सर्किट से लगी या वजह कुछ और थी, इसका खुलासा प्रशासनिक जांच के बाद ही हो पाएगा।
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