Karwa Chauth Sargi Thali: पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला करवाचौथ का व्रत हर सुहागिन स्त्री के लिए बेहद खास होता है। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाने के साथ शुरू होने वाला यह निर्जला व्रत रात में चांद के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होता है। पूरे दिन बिना अन्न-जल के रहना शरीर के लिए एक बड़ा इम्तिहान होता है। ऐसे में कई बार महिलाओं को शाम होते-होते सिरदर्द, सुस्ती, चक्कर आना या एसिडिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि व्रत के दौरान सेहत बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह सरगी का गलत चुनाव है।
अक्सर सरगी की थाली में ज्यादा मीठी या तली-भुनी चीजें शामिल कर ली जाती हैं, जो शुरुआत में तो पेट भरा महसूस कराती हैं, लेकिन दिन ढलते-ढलते शरीर का एनर्जी लेवल तेजी से गिरा देती हैं। अगर आप चाहती हैं कि सुबह से लेकर रात चांद निकलने तक आपका उत्साह और ऊर्जा बरकरार रहे, तो सरगी की थाली को तला-भुना बनाने के बजाय न्यूट्रिशियस और हाइड्रेटिंग चीजों से सजाना होगा।
ड्राई फ्रूट्स, सीड्स और दूध की पारंपरिक सेवई
सरगी की शुरुआत के लिए ड्राई फ्रूट्स और सीड्स को सबसे बेहतरीन माना जाता है। व्रत से एक रात पहले ही 3-4 बादाम, किशमिश और अंजीर को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इनके साथ काजू और अखरोट का सेवन करें। इसके अलावा कद्दू, सूरजमुखी और चिया सीड्स को हल्का रोस्ट करके सरगी में शामिल करें। ये सुपरफूड्स शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे दिनभर थकावट महसूस नहीं होती।
इसके साथ ही पारंपरिक दूध की सेवई सरगी की थाली का सबसे मुख्य और संतुलित हिस्सा है। एक गिलास दूध में थोड़ी सेवई, इलायची और चीनी की जगह गुड़ डालकर तैयार की गई सेवई शरीर को लंबे समय तक तृप्त रखती है। दूध में मौजूद प्रोटीन और फैट पचने में समय लेते हैं, जिससे भूख का अहसास जल्दी नहीं होता। आप चाहें तो सेवई में ही बारीक कटे मेवे मिलाकर इसका पोषण और बढ़ा सकती हैं।
इलेक्ट्रोलाइट्स और नारियल पानी से रखें हाइड्रेशन बरकरार
चूंकि यह व्रत बिना पानी का होता है, इसलिए सरगी के समय शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट करना सबसे जरूरी काम है। इसके लिए अपनी थाली में प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर फलों को जगह दें। अनार, सेब, पपीता, संतरा, मौसमी और नाशपाती जैसे फल शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं। इन फलों में मौजूद प्राकृतिक फाइबर और मिनरल्स पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखते हैं।
इसके अलावा, सरगी के आखिर में एक ताजा नारियल पानी पीना एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। नारियल पानी में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह न सिर्फ ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है, बल्कि दिनभर पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से होने वाली घबराहट या कमजोरी को भी दूर रखता है। सही खानपान के साथ अगर सरगी ली जाए, तो व्रत की कठिन परीक्षा भी चेहरे पर मुस्कान के साथ पूरी की जा सकती है।

